द लोकतंत्र : हम अक्सर महसूस करते हैं कि अचानक हमारी कोई आंख फड़कने लगती है। विज्ञान की नजर में यह थकान या तनाव की वजह से होने वाली एक सामान्य शारीरिक क्रिया हो सकती है। लेकिन प्राचीन भारतीय विद्या ‘सामुद्रिक शास्त्र’ की मानें, तो शरीर के अंगों की हलचल हमारे आने वाले समय की ओर इशारा करती है।
सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि अंगों का फड़कना हमें चेतावनी भी देता है और आने वाली खुशियों के बारे में भी बताता है। आँखों के मामले में स्त्री और पुरुषों के लिए इसके मायने बिल्कुल अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं क्या कहता है शास्त्र।
पुरुषों के लिए दाईं आंख का फड़कना है ‘वरदान’
सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, पुरुषों की दाईं (Right) आंख का फड़कना बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है।
- क्या है संकेत: अगर किसी पुरुष की दाईं आंख फड़क रही है, तो इसका मतलब है कि उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है।
- फायदा: यह लंबे समय से अटके हुए किसी जरूरी काम के पूरा होने या करियर में सफलता मिलने का इशारा है।
महिलाओं के लिए बाईं आंख लाती है खुशियां
महिलाओं के मामले में शास्त्र के नियम बदल जाते हैं। महिलाओं की बाईं (Left) आंख का फड़कना सबसे शुभ माना गया है।
- मिलेगी खुशखबरी: अगर किसी महिला की बाईं आंख फड़कती है, तो यह धन लाभ का संकेत हो सकता है।
- किस्मत के द्वार: यह घर में किसी नन्हे मेहमान के आने (संतान सुख), नौकरी में तरक्की या रुका हुआ पैसा वापस मिलने की ओर इशारा करता है।
सावधान! जब फड़कने लगे ये आंखें
सामुद्रिक शास्त्र में कुछ स्थितियों को अशुभ भी बताया गया है, जो आने वाली परेशानियों की चेतावनी देती हैं:
- पुरुषों के लिए: यदि किसी पुरुष की बाईं आंख फड़कती है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता। यह किसी बनते काम के बिगड़ने या मानसिक तनाव का संकेत हो सकता है।
- महिलाओं के लिए: महिलाओं की दाईं आंख का फड़कना अशुभ माना गया है। यह किसी अप्रिय समाचार या स्वास्थ्य संबंधी समस्या की चेतावनी हो सकती है।
सामुद्रिक शास्त्र हमें प्रकृति और शरीर के बीच के गहरे संबंध को समझने में मदद करता है। अंगों का फड़कना हमें आने वाले वक्त के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है। हालांकि, अगर आंख लगातार कई दिनों तक फड़कती रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है, क्योंकि यह आंखों की थकान का संकेत भी हो सकता है।

