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दिल्ली में ट्रैफिक नियम हुए सख्त: 5 बार उल्लंघन पर DL सस्पेंड, चालान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल

Traffic Rules Tightened in Delhi: DL Suspended After 5 Violations; Challan Process Now Fully Digital

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राजधानी नई दिल्ली में अब ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना वाहन चालकों के लिए बेहद महंगा साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ट्रैफिक चालान के निपटारे को लेकर एक नई डिजिटल और सख्त व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया है। इस नई प्रणाली का उद्देश्य नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और ट्रैफिक उल्लंघनों पर तेजी से कार्रवाई करना है। अब न केवल चालान से बचना मुश्किल होगा, बल्कि उसे चुनौती देने की प्रक्रिया भी पहले से अधिक व्यवस्थित और सीमित कर दी गई है।

यह नई व्यवस्था केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में हुए संशोधनों के तहत लागू की जा रही है। इसके अनुसार, यदि कोई चालक एक वर्ष के भीतर पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे ‘गंभीर श्रेणी’ में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबित किया जा सकता है या उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

3 दिन में ई-चालान, मोबाइल अपडेट करना जरूरी

नई व्यवस्था के तहत अब चालान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है। ट्रैफिक कैमरों या अन्य डिजिटल माध्यमों से यदि कोई उल्लंघन दर्ज होता है, तो तीन दिनों के भीतर संबंधित वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ई-चालान भेज दिया जाएगा। इसके अलावा 15 दिनों के भीतर फिजिकल नोटिस भी घर के पते पर पहुंचाया जाएगा।

सरकार ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे अपने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण (RC) में मोबाइल नंबर और पता तुरंत अपडेट करा लें, ताकि चालान से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सके। ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी चालान वाहन के रजिस्टर्ड मालिक के नाम पर ही जारी होंगे, चाहे वाहन कोई भी चला रहा हो।

चालान पर आपत्ति के लिए 45 दिन, भुगतान नहीं किया तो सख्त कार्रवाई

नई नीति के तहत चालान प्रक्रिया को पूरी तरह समयबद्ध बना दिया गया है। चालान जारी होने के बाद वाहन मालिक के पास 45 दिनों का समय होगा, जिसमें वह या तो जुर्माना भर सकता है या ऑनलाइन पोर्टल पर ‘शिकायत निवारण अधिकारी’ के सामने इसे चुनौती दे सकता है।

यदि 45 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो चालान को स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा और अगले 30 दिनों के भीतर भुगतान करना अनिवार्य होगा। अगर किसी व्यक्ति की आपत्ति खारिज हो जाती है और वह कोर्ट जाना चाहता है, तो उसे पहले चालान की 50 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी, तभी मामला न्यायालय में सुना जाएगा।

सबसे सख्त प्रावधान उन लोगों के लिए है जो चालान का भुगतान नहीं करते। ऐसे मामलों में वाहन या लाइसेंस से जुड़े सभी कार्य रोक दिए जाएंगे और वाहन को पोर्टल पर ‘Not to be Transacted’ के रूप में चिन्हित कर दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस वाहन को जब्त भी कर सकती है। यह नई व्यवस्था दिल्ली में ट्रैफिक अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल नियमों के उल्लंघन में कमी आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी।

Team The Loktantra

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