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JNU में फिर भड़की छात्र राजनीति: ABVP और लेफ्ट संगठनों के बीच झड़प, पथराव में छात्र घायल

Student politics flares up again in JNU: ABVP and Left organisations clash, students injured in stone pelting

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली स्थित Jawaharlal Nehru University (JNU) एक बार फिर छात्र संगठनों के टकराव को लेकर सुर्खियों में है। 22 फरवरी की देर रात विश्वविद्यालय परिसर में ABVP और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच कथित रूप से हिंसक झड़प हुई। ABVP से जुड़े सूत्रों का दावा है कि रात करीब 1:30 बजे पथराव और मारपीट की घटना हुई, जिसमें संगठन के मीडिया संयोजक विजय जायसवाल गंभीर रूप से घायल हो गए।

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत स्कूल बिल्डिंग पर ताला लगाए जाने के मुद्दे से हुई। ABVP ने इस कदम का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। आरोप है कि देखते ही देखते बहस हिंसक रूप ले बैठी और दो गुट आमने-सामने आ गए। ABVP का कहना है कि घटना के दौरान परिसर में पथराव किया गया और कई छात्रों के साथ मारपीट की गई। संगठन ने इसे ‘लक्षित हिंसा’ करार देते हुए दिल्ली पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर, परिसर में तनाव

ABVP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि वामपंथी गुटों ने विचारधारा से असहमत छात्रों को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि 70 से अधिक लोगों की भीड़ ने छात्रों पर हमला किया और लाठियों, घूंसे तथा लातों से मारपीट की। कुछ नामों का भी उल्लेख किया गया है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिंसा हुई। दूसरी ओर, लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों की ओर से अब तक इस घटना पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद परिसर में तनाव का माहौल है। छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि JNU में छात्र राजनीति लंबे समय से वैचारिक टकराव का केंद्र रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चुनौती है कि परिसर में शैक्षणिक माहौल को बनाए रखते हुए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।

यह भी पढ़ें : टोंक में कंबल वितरण पर विवाद! पूर्व सांसद Sukhbir Singh Jonapuriya ने मुस्लिम महिलाओं से नाम पूछकर कंबल वापस लिया

Team The Loktantra

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