द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Ministry of Petroleum and Natural Gas ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की वायरल खबर को पूरी तरह फर्जी करार दिया है। सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हालात बिगड़ने के कारण भारत में ईंधन की कीमतें जल्द बढ़ सकती हैं। इस खबर के वायरल होने के बाद आम लोगों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई थी।
दरअसल, 22 अप्रैल को एक मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति का हवाला दिया गया था। इसके बाद यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई और लोगों में दहशत फैलने लगी।
इस अफवाह पर रोक लगाने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल X (पूर्व ट्विटर) पर ‘FAKE NEWS ALERT’ जारी किया। मंत्रालय ने वायरल खबर का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए साफ किया कि सरकार के पास पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
भारत में पिछले चार साल से स्थिर हैं ईंधन के दाम, सरकार ने अफवाहों से सावधान रहने को कहा
Ministry of Petroleum and Natural Gas ने अपने बयान में कहा कि ऐसी खबरें नागरिकों में डर और घबराहट फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं और ये पूरी तरह भ्रामक हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं हुई है।
सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां लगातार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े, इसके लिए कदम उठा रही हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी खबर पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो सकता है, लेकिन भारत सरकार फिलहाल घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। ऐसे में किसी भी अफवाह पर घबराने के बजाय आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।

