द लोकतंत्र/ पॉलिटिकल डेस्क : तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एआईएडीएमके की निष्कासित नेता V. K. Sasikala ने पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa की जयंती के मौके पर ‘अच्छी खबर’ आने का संकेत देकर अटकलों को हवा दे दी है। मीडिया से बातचीत में शशिकला ने कहा कि ‘अम्मा’ के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सकारात्मक और महत्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है।
उनके इस बयान को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। शशिकला पहले एआईएडीएमके की कार्यवाहक महासचिव रह चुकी हैं और जयललिता की करीबी सहयोगी के रूप में जानी जाती हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में सजा के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, अब उनके राजनीतिक वापसी की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है। जयंती कार्यक्रम से पहले शशिकला ने एआईएडीएमके संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री M. G. Ramachandran को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे यह संकेत मिलता है कि वह पार्टी की विरासत से खुद को जोड़कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही हैं।
2026 चुनाव की तैयारी और तीसरे मोर्चे की संभावना
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव 2026 की पहली छमाही में होने हैं। मौजूदा मुख्यमंत्री M. K. Stalin के नेतृत्व में सत्तारूढ़ गठबंधन ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ के एजेंडे के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। दूसरी ओर बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन भी अपनी रणनीति मजबूत कर रहा है।
राजनीतिक समीकरण को और दिलचस्प बना दिया है अभिनेता से नेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam ने, जिससे चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है। 2021 के विधानसभा चुनावों में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी। कांग्रेस, पीएमके और वीसीके सहित सहयोगियों के साथ डीएमके-नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस 159 सीटों तक पहुंचा था। वहीं, एनडीए गठबंधन को 75 सीटें मिली थीं, जिनमें एआईएडीएमके सबसे बड़ी पार्टी थी।
शशिकला के समर्थक खुलकर उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। एक समर्थक ने कहा कि ‘चिन्नम्मा’ जो भी फैसला लेंगी, वे उसका समर्थन करेंगे। ऐसे में सवाल यह है कि क्या शशिकला नई पार्टी बनाएंगी या किसी गठबंधन के जरिए वापसी करेंगी?

