द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और केंद्र सरकार को लेकर तीखा बयान दिया है। उन्होंने भारतीय नागरिकों की मौत के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की जनता इस घटनाक्रम से आक्रोशित है और भविष्य में भारत को ऐसा नेतृत्व मिलेगा जो देश के सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा के लिए मजबूती से खड़ा होगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि हालिया घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा कि देश के लोग इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहे हैं और सरकार से स्पष्ट जवाब चाहते हैं।
Arvind Kejriwal ने मोदी सरकार की प्रतिक्रिया पर उठाए सवाल
वीडियो संदेश में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों की मौत के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक रूप से कोई कड़ा रुख नहीं अपनाया। उन्होंने कहा कि जब भी किसी देश के नागरिकों के साथ ऐसी घटनाएं होती हैं, तो संबंधित सरकारें अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए मुखर होकर प्रतिक्रिया देती हैं। अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि जिन घटनाओं में भारतीयों की जान गई, उन पर सरकार ने कड़ा विरोध क्यों नहीं दर्ज कराया।
आप प्रमुख ने कहा कि देश के लोग चाहते हैं कि भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में मजबूत संदेश दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि जनता के भीतर इस मुद्दे को लेकर नाराजगी और बेचैनी है।
Arvind Kejriwal ने भारत-अमेरिका संबंध और भविष्य की राजनीति पर भी टिप्पणी
अपने बयान में अरविंद केजरीवाल ने अमेरिका के साथ भारत के संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक मंच पर आत्मसम्मान और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके अनुसार किसी भी देश के साथ संबंध मित्रतापूर्ण हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं होना चाहिए।
केजरीवाल ने भविष्य की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को ऐसा नेतृत्व चाहिए जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय चुनौती के सामने मजबूती से खड़ा हो सके। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भारत को एक ऐसा प्रधानमंत्री मिलेगा जो देश के सम्मान और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दों पर अधिक दृढ़ता से कार्रवाई करेगा। हालांकि उनके इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है। भारतीय जनता पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से इस पर जवाब आने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे मुद्दे आगामी राजनीतिक विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल अरविंद केजरीवाल का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सीधे सवाल के रूप में देखा जा रहा है।




