द लोकतंत्र/ लखनऊ : ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर पर लखनऊ में शिया समुदाय के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। शिया धर्मगुरु Kalbe Jawad ने कहा कि खामेनेई इजरायल और अमेरिका के हमले में ‘शहीद’ हुए हैं। उनके मुताबिक, इस्लाम में शहादत को सर्वोच्च दर्जा प्राप्त है और हर मोमिन इसकी दुआ करता है।
मौलाना ने कहा कि खामेनेई स्वयं भी शहादत की इच्छा जताते रहे थे। उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया गया था कि खामेनेई बंकर में छिपे हुए थे। उनके अनुसार, वे सामान्य रूप से अपने निवास और कार्यालय के बीच आवागमन कर रहे थे और लोगों से मुलाकात कर रहे थे, तभी कथित हवाई हमले में उनकी मौत हुई।
ट्रंप और नेतन्याहू पर आरोप, शांति की अपील
मौलाना कल्बे जवाद ने अपने बयान में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu पर निशाना साधते हुए कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को अंजाम भुगतना होगा। उन्होंने कहा कि ‘शहीद का खून कभी व्यर्थ नहीं जाता’ और इतिहास में ऐसे घटनाक्रम बड़े बदलावों की पृष्ठभूमि बनते हैं।
हालांकि, उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की और कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने तीन दिन के शोक की घोषणा करते हुए दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को स्वेच्छा से बंद रखने की अपील की, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि किसी पर दबाव न बनाया जाए।
छोटे इमामबाड़े के पास जुटी भीड़
खबर फैलते ही लखनऊ के छोटे इमामबाड़े और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। प्रशासन ने हालात पर नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
मौलाना ने कहा कि खामेनेई वैश्विक स्तर पर बेकसूरों और फिलिस्तीन के मुद्दे पर आवाज उठाते थे, इसलिए यह केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि ‘इंसानियत का नुकसान’ है। उन्होंने रात में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की और देशभर में शोक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। फिलहाल, प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

