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ममता बनर्जी ने पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस से की मुलाकात, पांच दिवसीय धरने के बाद दी शुभकामनाएं

Mamata Banerjee met former Governor CV Anand Bose, wished him well after the five-day protest.

द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को राज्य के पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की। यह मुलाकात उस समय हुई जब मुख्यमंत्री ने कोलकाता के धर्मतला में आयोजित अपने पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन को समाप्त किया। ममता बनर्जी ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए बोस को एक विद्वान और सम्मानित व्यक्तित्व बताया।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि धर्मतला में पांच दिन तक चले धरने के बाद उन्होंने बोस से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान बोस के साथ राज्य के विकास और जनता के कल्याण से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा करने का अवसर मिला। ममता बनर्जी के अनुसार इन संवादों को वह हमेशा महत्व देती रही हैं।

उन्होंने बोस के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि उनके अनुभव और ज्ञान के आधार पर वह आगे भी जिस भी जिम्मेदारी को संभालेंगे, उसमें महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बोस देश और समाज के हित में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

चुनावी सूची संशोधन के विरोध में धरना, आर.एन. रवि बने नए राज्यपाल

ममता बनर्जी की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उन्होंने हाल ही में धर्मतला में पांच दिन तक धरना देकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाया था। यह धरना तृणमूल कांग्रेस द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें पार्टी ने राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर आपत्ति जताई थी।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए आगामी चुनावों से पहले वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। ममता बनर्जी ने अपने धरने के दौरान भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना बेहद जरूरी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इसी बीच सीवी आनंद बोस ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि यह निर्णय उन्होंने सोच-समझकर लिया है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे के कारणों को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया। बोस ने अपने कार्यकाल की तुलना क्रिकेट से करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यपाल के रूप में करीब 1200 दिन पूरे कर लिए हैं, जिसे उन्होंने क्रिकेट की भाषा में 12 शतक के बराबर बताया। उनके अनुसार हर शुरुआत का एक अंत होता है और उन्हें लगा कि अब पद छोड़ने का यही सही समय है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार बोस अब अपने गृह राज्य केरल लौटेंगे और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में काम करने की योजना बना रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल नियुक्त किया है, जो पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

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Team The Loktantra

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