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LPG संकट पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: घबराहट फैलाना देश के लिए नुकसानदेह, ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर

PM Modi's big statement on LPG crisis: Spreading panic is harmful for the country, emphasis on energy self-reliance

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पीएम मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित NXT कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में दोहरे दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रहा है। पहला, देश में ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण और दूसरा, ऊर्जा के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के हर नागरिक तक ऊर्जा सुविधाएं पहुंचें और साथ ही दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोलियम और गैस क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले भारत के पास रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बहुत सीमित थे, लेकिन अब देश में 50 लाख टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व तैयार किया जा चुका है।

इसी तरह एलपीजी कनेक्शनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि 2014 में देश में लगभग 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 33 करोड़ तक पहुंच गई है। इसके अलावा देश में एलएनजी टर्मिनलों की संख्या भी दोगुनी हो चुकी है।

LPG पर अफवाह फैलाने वालों पर निशाना

प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में एलपीजी को लेकर हो रही चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर जनता में घबराहट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति देश के हित में नहीं है और इससे जनता के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा होता है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और इसका असर कई देशों पर पड़ा है। हालांकि भारत सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ भी इस विषय पर चर्चा की गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सप्लाई चेन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है, ताकि आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान उर्वरक कीमतों में आई भारी बढ़ोतरी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगी कीमतों के बावजूद यूरिया की कीमत देश में लगभग 300 रुपये प्रति बोरी ही रखी।

पीएम मोदी ने राज्य सरकारों से भी अपील की कि वे इस समय बाजार की स्थिति पर नजर रखें और कालाबाजारी तथा अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय जरूरी है, ताकि जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और ऊर्जा आपूर्ति सुचारू बनी रहे।

यह भी पढ़ें : अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज, बोले– LPG मतलब अब ‘लापता गैस’! अगर स्टॉक भरा है तो लोग लाइन में क्यों?

Team The Loktantra

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