द लोकतंत्र : हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में ‘खरमास’ का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए वर्जित लेकिन आध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत श्रेष्ठ माना गया है। इस साल 15 मार्च 2026 को जैसे ही भगवान सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, वैसे ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह समय 14 अप्रैल तक चलेगा।
आज 13 मार्च 2026 की इस खास रिपोर्ट में जानिए कि खरमास लगने से पहले आपको कौन सी चीजें घर लानी चाहिए ताकि पूरे महीने माता लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे।
क्यों अशुभ माना जाता है खरमास?
जब भगवान सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशियों (धनु और मीन) में गोचर करते हैं, तब खरमास लगता है। मान्यता है कि इस दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है और गुरु का प्रभाव भी कम हो जाता है। इसी कारण शादी-विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे शुभ कार्यों का फल नहीं मिलता। हालांकि, यह समय दान, पुण्य और आत्मचिंतन के लिए सबसे उत्तम माना गया है।
खरमास से पहले घर लाएं ये 4 चीजें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, खरमास लगने से पहले कुछ खास वस्तुएं घर लाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है:
- धातु का कछुआ: कछुआ सुख और सौभाग्य का प्रतीक है। खरमास लगने से पहले पीतल, चांदी या तांबे का कछुआ घर लाएं। इसे उत्तर दिशा में रखने से घर की बरकत बनी रहती है।
- मनी प्लांट: घर में हरियाली और धन के आगमन के लिए मनी प्लांट बहुत शुभ है। खरमास से पहले इसे खरीदकर घर की दक्षिण-पूर्व (आग्नेय) दिशा में लगाएं।
- चांदी का सिक्का: मां लक्ष्मी को चांदी अत्यंत प्रिय है। खरमास की अवधि में नई खरीदारी से बचने की सलाह दी जाती है, इसलिए इससे पहले एक चांदी का सिक्का लाकर अपनी तिजोरी में रखें।
- नई झाड़ू: वास्तु में झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना गया है। खरमास शुरू होने से पहले नई झाड़ू खरीदना दरिद्रता दूर करने और घर में समृद्धि लाने का संकेत माना जाता है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
खरमास के दौरान कुछ नियमों का पालन करना आपके जीवन में शांति बनाए रखने में मदद करेगा:
- खरीदारी से बचें: इस एक महीने के दौरान नई कार, जमीन या बहुत महंगी विलासिता की चीजें खरीदने से बचना चाहिए।
- साफ-सफाई: घर में गंदगी न होने दें। नियमित रूप से सुबह-शाम पूजा-पाठ करें।
- दान का महत्व: इस महीने में जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र या तिल का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है।
खरमास भले ही बाहरी चमक-धमक और मांगलिक कार्यों के लिए रुकने का समय हो, लेकिन यह अपने अंदर झांकने और ईश्वर से जुड़ने का सबसे अच्छा मौका है। वास्तु के इन छोटे उपायों को अपनाकर आप इस अवधि को भी मंगलकारी बना सकते हैं।

