द लोकतंत्र : आज 19 मार्च 2026 से चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। अगले नौ दिनों तक भक्त उपवास रखेंगे और फलाहार के रूप में साबूदाना खिचड़ी, वड़ा और खीर का आनंद लेंगे। साबूदाना व्रत का सबसे पसंदीदा भोजन है क्योंकि यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो सफेद मोती जैसा साबूदाना आप खा रहे हैं, वह असली है या किसी केमिकल की मिलावट?
त्योहारों के समय मांग बढ़ने पर बाजार में नकली या मिलावटी साबूदाने की सप्लाई बढ़ जाती है। आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर बैठे अपने साबूदाने की शुद्धता जांच सकते हैं।
साबूदाने में क्या मिलाया जाता है?
असली साबूदाना ‘टैपिओका’ (कसावा) के स्टार्च से बनता है। लेकिन मुनाफा कमाने के लिए कुछ मिलावटखोर इसमें घटिया क्वालिटी का सिंथेटिक स्टार्च, मैदा या फिर सड़ा हुआ आटा मिला देते हैं। इतना ही नहीं, इसे सफेद और चमकदार दिखाने के लिए खतरनाक ब्लीच और सल्फ्यूरिक एसिड जैसी केमिकल पॉलिश भी की जाती है। ऐसा साबूदाना खाने से पेट दर्द, एसिडिटी और गंभीर एलर्जी हो सकती है।
असली और नकली साबूदाना पहचानने के 5 आसान तरीके
1. पानी में भिगोकर देखें: असली साबूदाने को पानी में भिगोने पर वह फूलकर नरम हो जाता है लेकिन अपना आकार नहीं खोता। वहीं, अगर साबूदाना पानी में पूरी तरह घुलने लगे या बहुत ज्यादा लिसलिसा और चिपचिपा हो जाए, तो समझ लें कि इसमें मिलावट है।
2. रंग और चमक की जांच: असली साबूदाना हल्का मटमैला सफेद या नेचुरल दिखता है। अगर साबूदाना बर्फ की तरह एकदम सफेद और कांच की तरह चमक रहा है, तो संभल जाएं। यह केमिकल पॉलिश का संकेत हो सकता है।
3. उंगलियों से दबाकर देखें: सूखे साबूदाने के दाने को अंगूठे और उंगली के बीच दबाएं। असली दाना काफी सख्त होता है और आसानी से नहीं टूटता। इसके उलट नकली या मिलावटी साबूदाना दबाते ही चूरा बन जाता है।
4. पकने के बाद का टेक्सचर: जब आप असली साबूदाना पकाते हैं, तो उसके दाने अलग-अलग और पारदर्शी (Transparent) दिखते हैं। अगर पकाने के बाद साबूदाना एक गाढ़ा पेस्ट जैसा बन जाए या दाने आपस में बुरी तरह चिपक जाएं, तो वह शुद्ध नहीं है।
5. स्वाद और खुशबू: असली साबूदाने का स्वाद बहुत हल्का और सामान्य होता है। यदि साबूदाने से किसी तरह की तीखी गंध आए या खाने में वह थोड़ा खट्टा या कड़वा लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें।
सेहत का रखें ख्याल
व्रत के दौरान शरीर पहले से ही थोड़ा कमजोर महसूस करता है, ऐसे में मिलावटी भोजन जहर का काम कर सकता है। हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही सामान खरीदें और खुला साबूदाना लेने के बजाय अच्छी ब्रांड का पैक किया हुआ सामान ही प्राथमिकता दें।
भक्ति के साथ-साथ अपनी शक्ति (सेहत) का भी ध्यान रखें। इन छोटे-छोटे टेस्ट को अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को मिलावट के खतरे से बचा सकते हैं।

