द लोकतंत्र/ रायपुर : उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। राजधानी नई दिल्ली में पारा 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, वहीं उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी गर्मी का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। अप्रैल के अंत तक हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है।
20 अप्रैल से शुरू होंगी गर्मियों की छुट्टियां
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि राज्य में समर वेकेशन तय समय से पहले शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां लागू होंगी, जो 15 जून तक जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि बच्चों को किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
करीब दो महीने बंद रहेंगे सभी स्कूल
इस फैसले के तहत राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त (एडेड), गैर-सहायता प्राप्त (अनएडेड) और निजी स्कूल लगभग दो महीने तक बंद रहेंगे। पहले गर्मियों की छुट्टियां 1 मई से शुरू होने वाली थीं, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इसे पहले ही लागू कर दिया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
राज्य सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस बदलाव का असर शैक्षणिक सत्र पर न पड़े। इसके लिए एकेडमिक कैलेंडर में आवश्यक संशोधन किए गए हैं, ताकि पढ़ाई का संतुलन बना रहे। इसके अलावा, सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि 15 जून तक तापमान में कमी नहीं आती है, तो छुट्टियों की अवधि को और बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में छात्रों को लंबा ब्रेक मिलने की संभावना बनी हुई है।
वर्तमान हालात को देखते हुए यह निर्णय न केवल प्रशासनिक स्तर पर अहम माना जा रहा है, बल्कि यह बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्राथमिकता को भी दर्शाता है। लगातार बढ़ती गर्मी के बीच अन्य राज्यों की नजर भी अब ऐसे फैसलों पर टिकी हुई है, जहां जल्द ही इसी तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।

