द लोकतंत्र/ रायपुर : Chhattisgarh में महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। Bharatiya Janata Party ने इस मुद्दे को लेकर रायपुर में जनआक्रोश रैली निकाली, जिसमें मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। भाजपा महिला मोर्चा की यह यात्रा बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम तक पहुंची, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और महिला समर्थकों की मौजूदगी देखने को मिली।
रैली के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाएगी। इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने को लेकर विपक्ष, विशेष रूप से Indian National Congress के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का रवैया निराशाजनक रहा है और इस विषय पर राज्य विधानसभा में स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और प्रतिनिधित्व की लड़ाई है। जानकारी के मुताबिक, यह विशेष सत्र इसी महीने बुलाया जा सकता है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
लोकसभा में बिल अटकने के बाद तेज हुई सियासत, कांग्रेस ने BJP की रैली पर उठाए सवाल
महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में जरूरी समर्थन नहीं जुटा पाने के कारण पारित नहीं हो सका, जिसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। भाजपा इसे महिला सशक्तीकरण के खिलाफ विपक्ष की राजनीति बता रही है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा के विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक करार दिया है।
रायपुर में आयोजित रैली को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी सख्त सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था लागू की थी। वैकल्पिक मार्गों की एडवाइजरी जारी की गई और रैली मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
वहीं Indian National Congress ने भाजपा की आक्रोश रैली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि महिलाओं ने इस अभियान को समर्थन नहीं दिया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है। दूसरी ओर भाजपा इसे महिलाओं के अधिकारों के लिए जनआंदोलन का रूप दे रही है।
महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में अब सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। विशेष सत्र और संभावित निंदा प्रस्ताव आने वाले दिनों में इस मुद्दे को और गर्मा सकता है।

