द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Arvind Kejriwal पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में चुनाव प्रचार करने पहुंचेंगे। Mamata Banerjee के न्यौते पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक 26 और 27 अप्रैल को बंगाल में प्रचार करेंगे। बताया जा रहा है कि वह दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे, जहां 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है।
West Bengal में गुरुवार, 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हुआ, जिसमें 294 सदस्यीय विधानसभा की 152 सीटों पर वोट डाले गए। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शाम तक लगभग 90 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो मतदाताओं के भारी उत्साह को दर्शाता है। भीषण गर्मी के बावजूद सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। पहले दो घंटे में ही करीब 18.76 प्रतिशत मतदान हुआ, जो दोपहर तक लगातार बढ़ता गया।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल Tamil Nadu में मुख्यमंत्री M. K. Stalin के समर्थन में चुनाव प्रचार कर चुके हैं। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर मतदान हुआ, जहां शाम 5 बजे तक 82.24 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
पहले चरण में भारी मतदान, छिटपुट हिंसा और ममता बनर्जी का जीत का दावा
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के दौरान 16 जिलों में 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। इनमें 167 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। मतदान के दौरान कुछ इलाकों से हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और भाजपा उम्मीदवारों पर हमले की खबरें भी सामने आईं। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने का दावा किया।
Mamata Banerjee ने पहले चरण की वोटिंग के बीच ही जीत का दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी पद या कुर्सी की इच्छा नहीं है, बल्कि चुनाव जीतने के बाद सभी विपक्षी दलों को साथ लेकर केंद्र की सत्ता के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल का TMC के समर्थन में प्रचार करना विपक्षी एकजुटता का बड़ा संकेत है। इससे बंगाल चुनाव का राजनीतिक समीकरण और दिलचस्प हो सकता है। दूसरे चरण में 142 सीटों पर होने वाला मतदान राज्य की सत्ता की तस्वीर काफी हद तक साफ कर सकता है।

