द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : West Bengal और Tamil Nadu विधानसभा चुनाव 2026 में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने बताया कि पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक और तमिलनाडु में 84.98 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है। उन्होंने इसे आज़ाद भारत के बाद इन दोनों राज्यों में अब तक का सबसे अधिक मतदान बताया और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी Manoj Kumar Agarwal ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रहा। उन्होंने दावा किया कि लोगों ने बिना किसी डर के मतदान किया और सुरक्षा व्यवस्था से संतुष्टि जताई। मतदान केंद्रों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती और 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था रही, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत बनी रही।
बंगाल के कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। कूचबिहार में 94.80%, दक्षिण दिनाजपुर में 95%, बीरभूम में 93.94%, मुर्शिदाबाद में 93.10% और मालदा में 92.94% मतदान हुआ। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, झारग्राम, बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में भी भारी मतदान देखने को मिला। यह आंकड़े मतदाताओं की मजबूत भागीदारी और चुनाव को लेकर बढ़ी जागरूकता को दर्शाते हैं।
रिकॉर्ड मतदान पर ममता बनर्जी और अमित शाह के राजनीतिक दावे
Mamata Banerjee ने भारी मतदान को अपनी पार्टी All India Trinamool Congress के पक्ष में संकेत बताया। कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मतदान रुझान दिखाते हैं कि टीएमसी जीत की स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य केवल राज्य की सत्ता नहीं, बल्कि केंद्र में भाजपा सरकार को चुनौती देना है। ममता ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ लोगों की भागीदारी को भी एक बड़ा संदेश बताया।
वहीं Amit Shah ने रिकॉर्ड मतदान को तृणमूल कांग्रेस सरकार के ‘भ्रष्टाचार के अंत’ का संकेत बताया। हुगली के बालागढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि Bharatiya Janata Party पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने पर घुसपैठ और अवैध प्रवासियों की समस्या पर सख्त कार्रवाई करेगी। रिकॉर्ड मतदान ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की नजर अगले चरण के मतदान और चुनाव परिणामों पर टिकी है, जहां जनता का फैसला राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा।

