द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। इस बार Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया है। पार्टी प्रमुख विजय के नेतृत्व में TVK ने 108 सीटें हासिल की हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका है। यही वजह है कि राज्य में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस की स्थिति बनी हुई है।
राजनीतिक समीकरणों के बीच राज्यपाल ने अभी तक TVK के सरकार बनाने के दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने विजय द्वारा पेश किए गए समर्थन पत्र पर कानूनी राय मांगी है। विजय ने 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया था, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 118 होने के कारण उनसे दोबारा स्पष्ट समर्थन जुटाने को कहा गया है।
बहुमत से दूर TVK, सहयोगियों की भूमिका अहम
तमिलनाडु की राजनीति में इस बार कोई भी दल पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाया है। Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) को 59 सीटें मिली हैं, जबकि All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) 47 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 5 सीटें और Pattali Makkal Katchi (PMK) को 4 सीटें मिली हैं।
हालांकि कांग्रेस का समर्थन TVK के साथ बताया जा रहा है, फिर भी बहुमत का आंकड़ा अभी पूरा नहीं हो सका है। Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) समेत अन्य दलों का रुख अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे सरकार गठन में देरी की संभावना बनी हुई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय को स्थिर सरकार बनाने के लिए छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाना होगा।
स्टालिन का इस्तीफा, केंद्र से सहयोग की अपील
चुनाव परिणामों के बाद एम. के. स्टालिन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। वे अपने गढ़ कोलाथुर से चुनाव हार गए, जो राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। वहीं TVK प्रमुख विजय ने केंद्र सरकार से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य का विकास और जनता का कल्याण है। नरेंद्र मोदी ने भी विजय को जीत की बधाई दी, जिसके जवाब में विजय ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राजनीति से ऊपर उठकर तमिलनाडु की प्रगति के लिए काम करेंगे।
कुल मिलाकर, तमिलनाडु में इस बार त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनी हुई है, जहां सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद TVK को सरकार बनाने के लिए अभी और समर्थन जुटाना होगा। आने वाले दिनों में गठबंधन और समर्थन की राजनीति ही तय करेगी कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी।

