द लोकतंत्र/ पटना : Bihar Cabinet Decisions 2026 बिहार में सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की तीसरी बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। इस बैठक में कुल 20 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें स्वास्थ्य, शहरी विकास, परिवहन, शिक्षा और प्रशासनिक सुधार से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में सीतामढ़ी स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलकर “माता-सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल” करना शामिल है। यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिहार अर्बन ट्रांसपोर्टेशन प्रोग्राम के तहत विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर की सहायता लेकर शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य शहरों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम और उत्पादक बनाना है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर, ट्रांसपोर्ट और उद्योग को बढ़ावा
कैबिनेट बैठक में पटना एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 1.85 एकड़ जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को देने का निर्णय लिया गया है। इससे एयरपोर्ट के आधारभूत ढांचे के विकास में तेजी आएगी।
इसके अलावा, राज्य के पांच प्रमुख शहरों मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में 400 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है, जिससे सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाया जा सकेगा। भोजपुर जिले में गंगा नदी के कटाव से बचाव के लिए 52 करोड़ रुपये की योजना को भी स्वीकृति मिली है। वहीं, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए निवेश प्रोत्साहन पैकेज की अवधि जून 2026 तक बढ़ा दी गई है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
प्रशासनिक सुधार, शिक्षा और डिजिटल पहल पर जोर
कैबिनेट ने प्रशासनिक और तकनीकी सुधारों पर भी विशेष ध्यान दिया है। राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षण देने की योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके।
इसके अलावा, अरवल और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दरभंगा के बेनीपुर न्यायालय में 18 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए बैंक और वित्तीय संस्थानों से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया है, जिससे आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
कुल मिलाकर, बिहार कैबिनेट के ये फैसले राज्य में समग्र विकास, आधुनिक प्रशासन और बेहतर बुनियादी ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं के क्रियान्वयन से राज्य की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

