द लोकतंत्र/ लखनऊ : प्रयागराज में आयोजित North Tech Symposium 2026 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिफेंस एग्जीबिशन का निरीक्षण करते हुए भारत की तेजी से विकसित हो रही स्वदेशी रक्षा क्षमताओं की सराहना की। तीन दिवसीय इस आयोजन में आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप विकसित अत्याधुनिक तकनीकों और उपकरणों का व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम में सेना, रक्षा उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप्स की सक्रिय भागीदारी ने भारत के आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की मजबूत झलक पेश की।
मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन करते हुए विभिन्न रक्षा उत्पादों और तकनीकों की उपयोगिता को समझा। उन्होंने विशेषज्ञों से बातचीत कर इन उपकरणों की तकनीकी विशेषताओं और युद्धक्षेत्र में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी ली। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि भारत पारंपरिक रक्षा ढांचे से आगे बढ़कर आधुनिक और तकनीक-आधारित युद्ध के लिए खुद को तैयार कर रहा है।
डिफेंस एग्जीबिशन में दिखी अत्याधुनिक तकनीक की झलक
प्रदर्शनी के दौरान कई आधुनिक रक्षा उपकरण आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलेटप्रूफ जैकेट, टैक्टिकल गियर, उन्नत हेलमेट और मल्टी-टेरेन ऑपरेशंस के लिए तैयार किए गए उपकरणों का निरीक्षण किया।
विशेष रूप से ‘हेड-टू-बूट’ सुरक्षा प्रणाली, अत्यधिक तापमान में उपयोगी विशेष कपड़े और मॉड्यूलर प्रोटेक्शन सिस्टम जैसे इनोवेशन ने सभी का ध्यान खींचा। इन तकनीकों को सैनिकों की सुरक्षा और युद्ध क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके अलावा ड्रोन, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम, एडवांस कम्युनिकेशन उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान भी प्रदर्शित किए गए, जो भविष्य के युद्धक्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
मेक इन इंडिया और भविष्य के युद्ध की नई दिशा
इस सिम्पोजियम में बड़ी संख्या में स्टार्टअप्स और एमएसएमई की भागीदारी ने मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को और मजबूती दी। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब मल्टी-डोमेन वॉरफेयर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक स्पेक्ट्रम जैसे क्षेत्रों में भी तैयारी की जा रही है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सैन्य अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं की संयुक्त उपस्थिति ने इस बात को रेखांकित किया कि भविष्य का युद्ध केवल पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और सहयोग से तय होगा। नॉर्थ टेक सिम्पोजियम-2026 भारत की रक्षा क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है, जो देश को वैश्विक रक्षा परिदृश्य में मजबूत स्थिति दिलाने में सहायक होगा।

