द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कपिल सिब्बल ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति प्रभावित होने को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि फरवरी, मार्च और अप्रैल बीत चुके हैं और अब मई का महीना चल रहा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
कपिल सिब्बल ने चेतावनी दी कि देश में तेल की उपलब्धता पर दबाव बढ़ता जा रहा है और रणनीतिक भंडार भी सीमित होते जा रहे हैं। उनके अनुसार, यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले समय में भारत की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उन्होंने कहा, मुश्किलें बढ़ेंगी, यह हर कोई पहले से जानता था। प्रधानमंत्री और सरकार को भी इस स्थिति का अंदाजा था। सिब्बल ने यह भी कहा कि वे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं और ऐसे वैश्विक संकटों का असर देश की अर्थव्यवस्था पर किस तरह पड़ता है, इसे समझते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल महंगा, महंगाई बढ़ने की आशंका
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। माना जा रहा है कि इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ सकता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका असर खाद्य वस्तुओं, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा की जरूरतों पर दिखाई दे सकता है। ऐसे समय में सरकार के सामने महंगाई नियंत्रण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों बड़ी चुनौतियां बनकर उभर रही हैं।
कपिल सिब्बल ने भी संकेत दिया कि अगर तेल आपूर्ति की स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उद्योग, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को पहले से ठोस तैयारी करनी चाहिए थी।
ईरान ने भारतीय जहाजों को दी राहत
इस बीच सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सामान्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन देशों के जहाजों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी जो ईरान के खिलाफ युद्ध में शामिल हैं। अराघची ने कहा कि ईरान लगातार जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है और उसने कई भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता भी दिया है। उनके मुताबिक, सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही हमारी नीति और हित में है। जो जहाज यहां से गुजरना चाहते हैं, उन्हें ईरानी सेना से संपर्क करना होगा, क्योंकि समुद्री मार्ग में कुछ बारूदी सुरंगें और बाधाएं मौजूद हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान भारतीय जहाजों की मदद के लिए तैयार है और सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल पर निर्भर होकर पूरा करता है। ऐसे में पश्चिम एशिया की स्थिरता भारत की आर्थिक सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई मानी जा रही है।

