द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी शुक्रवार (15 मई) को आधिकारिक दौरे पर अबू धाबी (UAE) पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
इस दौरे की सबसे खास बात तब देखने को मिली जब प्रधानमंत्री मोदी के विमान ने संयुक्त अरब अमीरात के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया। उस दौरान यूएई के F-16 लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसे भारत और यूएई के मजबूत संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे में इस यात्रा को रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
व्यापार, निवेश और ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह दौरा भारत और यूएई के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देगा। यूएई पिछले 25 वर्षों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है और निवेश के लिहाज से भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे के दौरान ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दो अहम समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इनमें एलपीजी आपूर्ति और रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व से जुड़े समझौते शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए यह सहयोग बेहद अहम साबित हो सकता है।
इसके अलावा यूएई में रहने वाले 45 लाख से अधिक भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों देश प्रवासी भारतीयों के हितों और आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दे सकते हैं।
UAE के बाद नीदरलैंड और स्वीडन जाएंगे पीएम मोदी
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड जाएंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनका दूसरा नीदरलैंड दौरा होगा। वहां वह किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। साथ ही प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
दौरे के तीसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी गोथेनबर्ग पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात उल्फ क्रिस्टरसन से होगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने के नए रास्तों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी का यह बहु-देशीय दौरा भारत की वैश्विक रणनीति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

