द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : NDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले तमिलनाडु की राजनीति में कांग्रेस और डीएमके के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है। अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को समर्थन देने के मुद्दे पर Congress को सहयोगी दल डीएमके के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने पार्टी के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि टीवीके को समर्थन देने से पहले डीएमके सहित सभी सहयोगी दलों को इसकी जानकारी दे दी गई थी।
एक न्यूज चैनल से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस ने किसी भी सहयोगी दल से कोई बात नहीं छिपाई। उन्होंने दावा किया कि डीएमके, सीपीआई, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) समेत सभी गठबंधन सहयोगियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था। उनके अनुसार, अंतर सिर्फ इतना था कि कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने की घोषणा अन्य सहयोगी दलों से एक दिन पहले सार्वजनिक कर दी थी। चिदंबरम ने कहा कि यदि टीवीके बहुमत साबित करने में विफल रहती तो राज्य में दोबारा चुनाव की नौबत आ सकती थी, जिसे जनता और अधिकांश राजनीतिक दल टालना चाहते थे।
TVK सरकार को समर्थन क्यों दिया? Congress ने बताई वजह
पी. चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने और दोबारा चुनाव से बचने के लिए कांग्रेस ने टीवीके का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें पीछे रह गई थी। ऐसे में सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो सकती थी।
साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने में सफलता हासिल की। हालांकि, सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 सीटों के बहुमत से वह 10 सीटें दूर थी। कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके की स्थिति मजबूत हुई। बाद में वीसीके, भाकपा और माकपा जैसे दलों ने भी समर्थन दिया, जिससे पार्टी बहुमत का आंकड़ा पार कर सरकार बनाने में सफल रही।
DMK ने Congress पर लगाया ‘विश्वासघात’ का आरोप
कांग्रेस के इस कदम से डीएमके नेतृत्व नाराज दिखाई दिया। चुनाव परिणामों के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके युवा इकाई ने बैठक कर कांग्रेस पर गठबंधन धर्म का उल्लंघन करने और विश्वासघात का आरोप लगाया। डीएमके के वरिष्ठ नेता टी.आर. बालू ने भी कहा कि कांग्रेस ने उन मतदाताओं की भावना के खिलाफ काम किया जिन्होंने गठबंधन को वोट दिया था।
कांग्रेस की सफाई के बावजूद यह मुद्दा INDIA गठबंधन के भीतर राजनीतिक असहजता का कारण बना हुआ है। ऐसे समय में जब विपक्षी दल राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं, तमिलनाडु में सहयोगी दलों के बीच पैदा हुई यह खटास राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है।

