द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले के बाद पैदा हुआ तनाव अभी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। इसी बीच पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन Bilawal Bhutto जरदारी का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की आधिकारिक परमाणु नीति का हवाला देते हुए जल सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर टिप्पणी की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, बिलावल भुट्टो ने इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित किया जाना पाकिस्तान की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी देश की अर्थव्यवस्था या जल संसाधनों को बाधित करने का प्रयास किया जाता है, तो पाकिस्तान की आधिकारिक परमाणु नीति में इसे गंभीर परिस्थिति माना गया है। हालांकि, इस बयान को लेकर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Bilawal Bhutto ने क्या कहा? वायरल वीडियो के बाद बढ़ी चर्चा
वायरल वीडियो में बिलावल भुट्टो कहते सुनाई दे रहे हैं कि पाकिस्तान की घोषित परमाणु नीति में ऐसे कुछ विशेष हालात का उल्लेख है, जिनमें देश की अर्थव्यवस्था या जलमार्गों को गंभीर नुकसान पहुंचाने की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रतिक्रिया का विकल्प मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के जल संसाधनों को बाधित किया जाता है, तो इसे असाधारण स्थिति के रूप में देखा जाएगा।
बिलावल का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें सिंधु जल संधि को स्थगित करने का निर्णय भी शामिल है। पाकिस्तान लगातार इस फैसले का विरोध करता रहा है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस मुद्दे को उठाने की कोशिश कर चुका है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी भी देश के राजनीतिक नेता के बयान और उस देश की आधिकारिक सरकारी कार्रवाई या सैन्य निर्णय अलग-अलग विषय होते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी बयानबाजी, Bilawal Bhutto पहले भी दे चुके हैं गीदड़ भभकी
भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से कई तीखे बयान सामने आए थे। इससे पहले भी पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और अन्य नेताओं ने भारत को लेकर कड़े बयान दिए थे। बिलावल भुट्टो ने वर्ष 2025 में भी सिंधु जल संधि को लेकर बयान देते हुए कहा था कि यदि भारत इस संधि को स्थगित रखता है और सिंधु नदी प्रणाली पर नए बांधों का निर्माण करता है, तो इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। उन्होंने उस समय भी पाकिस्तान के नागरिकों से इस मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की थी।
भारत की ओर से पहलगाम हमले के बाद यह स्पष्ट किया गया था कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति सख्त रहेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। दूसरी ओर पाकिस्तान सिंधु जल संधि के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहा है।
बिलावल भुट्टो का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों के नेताओं के सार्वजनिक बयान क्षेत्रीय कूटनीति और सुरक्षा माहौल पर असर डाल सकते हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कूटनीतिक गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी।




