द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय ने 23 जुलाई को जंतर-मंतर के आसपास लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे में शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तनावपूर्ण घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और संचार व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कुछ क्षेत्रों में मोबाइल जैमर भी सक्रिय किए थे। बताया गया है कि हालिया घटनाओं में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना भी सामने आई थी। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने का फैसला लिया है। हालांकि, इन घटनाओं के सभी पहलुओं की आधिकारिक जांच और पुष्टि संबंधित एजेंसियों के स्तर पर जारी है।
CJP प्रोटेस्ट को लेकर कनॉट प्लेस में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को समय से पहले बंद करने की सलाह
सुरक्षा व्यवस्था के तहत कनॉट प्लेस स्थित दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां को भी 23 जुलाई को शाम 6:30 बजे तक अपना कामकाज बंद करने की सलाह दी गई है। यह परामर्श न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन की ओर से जारी किया गया, जिसके अनुसार उन्हें नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के अधिकारियों से सुरक्षा संबंधी निर्देश प्राप्त हुए थे।
एसोसिएशन ने व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से प्रशासन का सहयोग करने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह कदम किसी भी संभावित नुकसान, अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचाव के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए ऐसे अस्थायी उपाय आवश्यक हो सकते हैं। वहीं, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
NIA जांच की मांग वाली याचिका पर CJP की प्रतिक्रिया
इस बीच, CJP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर एक पोस्ट जारी कर अपने खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर प्रतिक्रिया दी है। CJP के प्रवक्ता ने अपने पोस्ट में दावा किया कि यह याचिका संदिग्ध प्रतीत होती है और उन्होंने न्यायपालिका से निष्पक्षता बनाए रखने की अपील की। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि पहले भी एक अन्य याचिका के आधार पर प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम में कार्रवाई की गई थी, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ी।
प्रवक्ता ने आशंका जताई कि इस प्रकार की कानूनी प्रक्रियाओं का उपयोग प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं को बदनाम करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, यह CJP का पक्ष और दावा है। इस संबंध में याचिकाकर्ता या संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से इस खबर के प्रकाशन तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रदर्शनकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सुरक्षा इंतजाम, संभावित वार्ता और न्यायिक प्रक्रियाओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।




