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महिला आरक्षण पर शिरोमणि अकाली दल का बड़ा ऐलान, SAD के समर्थन का Kiren Rijiju ने किया स्वागत

Shiromani Akali Dal makes major announcement on women's reservation; Kiren Rijiju welcomes SAD's support.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन को लेकर देश की राजनीति के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने महिलाओं को विधायिका में 33 फीसदी आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन विधेयक को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है। शिरोमणि अकाली दल के इस फैसले का केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों और समान प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब एक दिन पहले ही शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद चंडीगढ़ में पार्टी की वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई बैठक में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर अहम प्रस्ताव पारित किया गया।

महिला आरक्षण और समान प्रतिनिधित्व के समर्थन में उतरा शिरोमणि अकाली दल

शनिवार (8 अगस्त) को हुई बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि शिरोमणि अकाली दल सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर महिलाओं की गरिमा, समानता और बराबरी के अधिकारों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) पहले ही अपनी संस्था में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू कर उदाहरण पेश कर चुकी है और अब देश में भी महिला आरक्षण को बिना देरी लागू किया जाना चाहिए।

सुखबीर बादल ने यह भी कहा कि संसद में लंबित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद पार्टी ने निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन का भी समर्थन किया है। उनका कहना था कि सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिले, इसके लिए परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी और संतुलित होनी चाहिए।

परिसीमन और महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की बढ़ी कोशिशें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शिरोमणि अकाली दल के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरह ही शिरोमणि अकाली दल ने भी महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इस बीच केंद्र सरकार भी संसद के मौजूदा मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए विपक्षी दलों और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगियों से लगातार संवाद कर रही है। प्रस्तावित विधेयक में वर्ष 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ-साथ लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का भी प्रावधान है। शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि महिला आरक्षण और परिसीमन, दोनों प्रक्रियाओं को बिना विलंब पूरा किया जाए, ताकि लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी और राज्यों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

यह भी पढ़ें – Rahul Gandhi के प्रयागराज कार्यक्रम पर किरेन रिजिजू का हमला, बोले- ‘प्रयागराज नहीं, रांची जाना चाहिए था’

Team The Loktantra

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