द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता Ashish Banerjee की रविवार, 16 अगस्त 2026 को मौत हो गई। उनका शव रामपुरहाट स्थित उनके घर के पास TMC के पार्टी कार्यालय में मिला। पुलिस के अनुसार, शव फंदे से लटका हुआ था। घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत की वास्तविक वजह और परिस्थितियों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने खुद को भ्रष्टाचार से दूर बताया है। उन्होंने कथित तौर पर लिखा कि उन्होंने कभी किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए। नोट में पार्टी के भीतर कथित तौर पर होने वाली कुछ गतिविधियों को लेकर असहमति का भी जिक्र बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस इस नोट की प्रमाणिकता और उसमें लिखी बातों की भी जांच कर रही है।
रामपुरहाट से पांच बार विधायक, बंगाल सरकार में संभाली कई जिम्मेदारियां
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे। वह रामपुरहाट विधानसभा सीट से पांच बार विधायक चुने गए और वर्ष 2001 से 2026 तक इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। जुलाई 2021 में उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा का डिप्टी स्पीकर बनाया गया था। उन्होंने मई 2026 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली।
ममता बनर्जी सरकार में आशीष बनर्जी ने कई विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली थी। वर्ष 2014-15 में उन्होंने आयुष से जुड़े विभागों में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम निगरानी जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2017 से 2021 के बीच वह कृषि मंत्री भी रहे। राजनीति में आने से पहले आशीष बनर्जी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े थे। उन्होंने रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम किया था। उनके पास बर्दवान विश्वविद्यालय से स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की डिग्री थी।
2026 का विधानसभा चुनाव हारे थे, पुलिस ने शुरू की जांच
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को रामपुरहाट सीट पर बीजेपी उम्मीदवार ध्रुब साहा से हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव परिणाम के बाद जून 2026 में उन्होंने बीरभूम जिला TMC अध्यक्ष और जिला कोर कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्होंने खुद को पार्टी का सामान्य सदस्य बताया था।
अब पार्टी कार्यालय में उनकी मौत के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले कथित सुसाइड नोट के अलावा पुलिस अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मौत के कारणों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। इसलिए इसे आत्महत्या मानने से पहले जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है। आशीष बनर्जी की मौत की परिस्थितियों को लेकर पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।



