द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने रायपुर में आयोजित श्रमिकों के मेधावी बच्चों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में अपने बचपन के संघर्षों को याद करते हुए शिक्षा और अवसरों को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जब वे पांचवीं कक्षा में थे, तब उनके गांव में परीक्षा की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में उन्हें परीक्षा देने के लिए करीब 5 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में गरीब और श्रमिक परिवारों के बच्चों के पास शिक्षा के पर्याप्त साधन और सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन आज परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे की प्रतिभा के रास्ते में बाधा न बने। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के जरिए निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को बेहतर स्कूलों में पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर सरकार बच्चों की विदेश में पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी।
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए श्रमिक परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अच्छे स्कूलों में पढ़ना मुश्किल था, लेकिन अब सरकार उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
वर्ष 2026-27 में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा छठवीं में प्रवेश लेने वाले 200 प्रतिभावान विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। वहीं वर्ष 2025-26 में अध्ययनरत उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के अनुसार पिछले वर्ष इस योजना में 100 बच्चों को शामिल किया गया था और 19 विद्यालयों का चयन किया गया था। सीएम साय ने कहा कि प्रतिभा किसी आर्थिक वर्ग की मोहताज नहीं होती। सरकार की कोशिश है कि श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
1.45 लाख श्रमिकों को 39.67 करोड़ रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के जरिए श्रमिक परिवारों को अलग-अलग स्तर पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी का काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी 30 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की 18 कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1 लाख 45 हजार 841 पंजीकृत श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिक परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। देवांगन ने सरकार की श्रमिक कल्याण योजनाओं की जानकारी देते हुए पिछली कांग्रेस सरकार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठाए।



