द लोकतंत्र/ लुधियाना/ टिंकू भाटिया : Ludhiana के थाना बस्ती जोधेवाल के अंतर्गत आने वाले मेहरबान चुंगी इलाके में कथित तौर पर खुलेआम दड़ा-सट्टे का कारोबार चलने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कुछ लोग सट्टे के जरिए आसान और जल्दी पैसा कमाने का लालच देकर खासकर गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोगों को इस अवैध गतिविधि की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कथित तौर पर लोगों को एक रुपये के बदले दस रुपये देने का लालच दिया जाता है। इस तरह के लालच में आकर कुछ लोग अपनी मेहनत की कमाई दांव पर लगा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, मेहरबान चुंगी के पास दड़ा-सट्टे का कारोबार चलने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
गरीब और मजदूर वर्ग को निशाना बनाने का आरोप, निगरानी पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में मेहनत-मजदूरी करने वाले कई लोग रोजाना अपनी कमाई लेकर घर लौटते हैं। आरोप है कि सट्टे का लालच देकर ऐसे लोगों को आसानी से पैसा कमाने का सपना दिखाया जाता है। शुरुआत में छोटी रकम लगाने के बाद लोग अधिक पैसे के लालच में अपनी कमाई गंवा सकते हैं।
लोगों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थान के आसपास इस तरह की गतिविधि लंबे समय से चल रही है तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि पुलिस इलाके में जांच करे और यदि अवैध सट्टेबाजी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। दड़ा-सट्टे जैसे अवैध कारोबार को लेकर प्रशासन की सक्रियता इसलिए भी जरूरी मानी जाती है क्योंकि इसका प्रभाव केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों में तनाव और सामाजिक समस्याएं बढ़ने की आशंका भी रहती है।
शिकायत के बाद क्या मेहरबान चुंगी पहुंचेगी पुलिस टीम?
मामला सामने आने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान दड़ा-सट्टे का अवैध कारोबार संचालित पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह देखना अहम होगा कि पुलिस मेहरबान चुंगी इलाके में जांच या छापेमारी करती है या नहीं और जांच में कथित सट्टेबाजी के आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं। कार्रवाई और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।




