द लोकतंत्र/ लुधियाना/ टिंकू भाटिया : शहर के Tibba Road इलाके में घनी आबादी के बीच संचालित हो रही कुछ बेकरी प्रतिष्ठानों को लेकर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े सवाल सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इन प्रतिष्ठानों में तैयार किए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई की नियमित जांच होनी चाहिए। ऐसे में लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी हो गया है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का मुद्दा सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। खासकर घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना बेकरी उत्पाद खरीदते हैं, वहां खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच यह भी मांग सामने आ रही है कि विभाग समय-समय पर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करे और जरूरत के अनुसार खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर उनकी जांच कराए। हालांकि, संबंधित बेकरी प्रतिष्ठानों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में विभागीय जांच और आधिकारिक रिपोर्ट का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा जांच क्यों जरूरी?
त्योहारों के दौरान मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सैंपलिंग और निरीक्षण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि लोगों तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों पर खरे उतरें।
ऐसे में टिब्बा रोड जैसे घनी आबादी वाले इलाके में भी नियमित निगरानी और सैंपलिंग को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होना जरूरी है। यदि किसी प्रतिष्ठान के खिलाफ शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए और जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा केवल किसी एक प्रतिष्ठान या कारोबारी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह हजारों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा सार्वजनिक हित का विषय है। इसलिए विभाग को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी तरीके से जांच करनी चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संबंधित विभाग टिब्बा रोड क्षेत्र में विशेष निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाएगा? यदि जांच होती है तो सैंपल की रिपोर्ट और विभागीय कार्रवाई से ही साफ हो सकेगा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या कहीं सुधार की जरूरत है।




