द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की राजनीति में एक बार फिर Tej Pratap Yadav और उनकी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जय सिंह राठौड़ के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। शनिवार (29 अगस्त) को तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जय सिंह राठौड़ पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि राठौड़, मोतीलाल राय के इशारे पर JioHotstar के अधिकारियों को फोन कर ‘भोजपुरी बवाल’ प्रोमो के प्रसारण को रुकवाने के लिए कथित तौर पर दबाव और धमकी दे रहे हैं।
तेज प्रताप के इन आरोपों के बाद जय सिंह राठौड़ ने पलटवार करते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। राठौड़ ने आरोपों को गलत बताते हुए मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वह किसी तरह के दबाव से डरने वाले नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर तेज प्रताप यादव के खिलाफ FIR भी दर्ज कराएंगे।
‘डरने वाला नहीं, सम्मान से समझौता नहीं करेंगे’
जय सिंह राठौड़ ने तेज प्रताप यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह लंबे समय तक उनके साथ रहे हैं और तेज प्रताप को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। राठौड़ ने दावा किया कि तेज प्रताप अक्सर दूसरों को गलत ठहराते हैं, जबकि खुद भी विवादों में घिरे रहते हैं।
राठौड़ ने कहा कि वह तेज प्रताप से डरने वाले नहीं हैं और उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें बेवजह किसी मामले में घसीटने की कोशिश की गई तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने मोतीलाल राय को लेकर भी तेज प्रताप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह तेज प्रताप ने मोतीलाल राय के खिलाफ थाने में शिकायत की है, उसी तरह अब उनके खिलाफ भी कार्रवाई की कोशिश की जा रही है।
चुनाव हारने के लिए तेज प्रताप को ठहराया जिम्मेदार
जय सिंह राठौड़ ने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने तेज प्रताप यादव की पार्टी के टिकट पर महनार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन तेज प्रताप की वजह से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि UGC के मुद्दे पर उन्होंने सनातन के समर्थन में रुख अपनाया था। राठौड़ के अनुसार, इसके बाद तेज प्रताप यादव ने उनसे माफी मांगने को कहा। इसी विवाद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
राठौड़ ने स्पष्ट किया कि वह अपने सम्मान से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेज प्रताप यादव उन्हें बेवजह इस मामले में घसीटते हैं तो वह FIR और मानहानि की कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में आगे होने वाली कानूनी या पुलिस कार्रवाई से ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।




