द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित करीब 115 साल पुरानी बताई जा रही मस्जिद को प्रशासन की ओर से ढहाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। शनिवार (5 सितंबर 2026) को हुई इस कार्रवाई के बाद अब ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने मस्जिद गिराए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शादाब चौहान ने दावा किया कि अखिलेश यादव दो दिन पहले सहारनपुर आए थे और उनके दौरे के दौरान कथित तौर पर ‘मैच फिक्सिंग’ हुई। AIMIM प्रवक्ता के आरोप के मुताबिक, इसी कथित फिक्सिंग के तहत कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को गिराया गया और समाजवादी पार्टी के सांसदों व विधायकों को हाउस अरेस्ट किए जाने को लेकर भी एक तरह का राजनीतिक ड्रामा किया गया। हालांकि, AIMIM प्रवक्ता की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मस्जिद गिराने पर AIMIM का विरोध, प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर प्रशासन की कार्रवाई के बाद शादाब चौहान ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल पर बुलडोजर नहीं चलाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े-बड़े घोटालों की जांच को लेकर सवाल उठते हैं, तो धार्मिक स्थलों को गिराने की कार्रवाई इतनी तेजी से क्यों की जा रही है।
AIMIM प्रवक्ता ने मस्जिद को सुबह के समय ढहाए जाने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रशासन को मस्जिद गिराने की इतनी जल्दी क्यों थी और इसे रात के अंधेरे में ही क्यों गिराया गया। उनके मुताबिक, इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब मिलना चाहिए। जानकारी के मुताबिक, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस मस्जिद को अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने ढहाया। कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के कानूनी आधार और अदालत के आदेश से जुड़े विस्तृत तथ्यों के अलावा राजनीतिक दलों के आरोपों को अलग-अलग देखना जरूरी है। AIMIM की ओर से लगाए गए आरोप पार्टी का राजनीतिक पक्ष हैं।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव पर भी AIMIM का बड़ा बयान
मस्जिद विवाद के बीच शादाब चौहान ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा कि AIMIM गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने की कोशिश करेगी। पार्टी प्रवक्ता के मुताबिक, अगर समाजवादी पार्टी गठबंधन में AIMIM को साथ नहीं लेती है तो इसे इस रूप में देखा जा सकता है कि वह बीजेपी को हराने के लिए गंभीर नहीं है।
AIMIM पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। शादाब चौहान ने बताया कि पार्टी फिलहाल 2027 विधानसभा चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में जुटी हुई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मेरठ की किठौर विधानसभा सीट के लिए पार्टी ने एक संभावित उम्मीदवार तय कर लिया है। इससे संकेत मिलता है कि AIMIM आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारी शुरू कर चुकी है।
सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के बाद सामने आए AIMIM के बयान ने मामले को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। एक ओर प्रशासन की कार्रवाई और अदालत के आदेश को लेकर चर्चा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों और अन्य राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं के कारण विवाद और गहराता जा रहा है। अब इस मामले में प्रशासन, समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।




