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Yamuna Vegetables में मिले खतरनाक Heavy Metals, सेहत पर बढ़ा जोखिम; स्टडी में चौंकाने वाले खुलासे

द लोकतंत्र / नई दिल्ली: Yamuna Vegetables को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक स्टडी में गंभीर चिंता सामने आई है। यमुना के किनारे और बाढ़ क्षेत्र में उगाई जाने वाली कई सब्जियों में निकेल, क्रोमियम, मोलिब्डेनम, कैडमियम और सीसा जैसी भारी धातुएं तय सुरक्षित स्तर से काफी अधिक पाई गई हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रदूषित पानी से सिंचाई के कारण ये धातुएं मिट्टी से सब्जियों तक पहुंच सकती हैं और इनके नियमित सेवन से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। यह अध्ययन Elsevier की पत्रिका Energy Nexus में प्रकाशित हुआ है।

आलू, पालक और मूली में धातुओं की ज्यादा मात्रा

अध्ययन में यमुना के प्रदूषित हिस्से के आसपास उगाई जाने वाली रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई सब्जियों की जांच की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, आलू में निकेल की मात्रा तय सीमा से करीब 181 गुना अधिक पाई गई। लाल मूली में मोलिब्डेनम का स्तर करीब 68 गुना अधिक था। वहीं, पालक में निकेल की मात्रा 97 गुना और प्याज में 65 गुना तक अधिक दर्ज की गई।

क्रोमियम को लेकर भी स्थिति चिंताजनक रही। सरसों में इसकी मात्रा निर्धारित सीमा से करीब 22 गुना, पालक में 12 गुना और सफेद मूली में 11 गुना तक अधिक पाई गई। इसके अलावा कुछ सब्जियों में सीसे की मात्रा भी सुरक्षित सीमा से ऊपर दर्ज की गई।

प्रदूषित पानी से सब्जियों तक पहुंच रही भारी धातुएं

शोधकर्ताओं ने बताया कि बिना उपचार वाले यमुना के पानी का इस्तेमाल सिंचाई में किए जाने से प्रदूषक मिट्टी और फिर सब्जियों के खाने योग्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। अध्ययन में मोलिब्डेनम, एल्युमिनियम, जिंक, निकेल, क्रोमियम, कैडमियम और सीसा जैसे तत्वों की जांच की गई। शोध में इनके सेवन से गैर-कैंसरकारी स्वास्थ्य प्रभावों के साथ संभावित कैंसरकारी जोखिम का भी आकलन किया गया।

शोधकर्ताओं ने प्रदूषण प्रभावित इलाकों में मिट्टी और फसलों की नियमित निगरानी, सिंचाई के पानी की जांच और प्रदूषित पानी के उपचार पर जोर दिया है। साथ ही, ऐसे इलाकों में उन फसलों को उगाने पर विचार करने की बात कही गई है, जो मिट्टी से भारी धातुओं को कम मात्रा में अवशोषित करती हैं। हालांकि, शोध यमुना के केवल एक सीमित हिस्से पर किया गया है, इसलिए इसके निष्कर्षों को पूरी यमुना नदी या दिल्ली की सभी सब्जियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

Deepanshi

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दीपांशी द लोकतंत्र में कंटेंट राइटर के रूप में समाज से जुड़े मुद्दों, डिजिटल ट्रेंड्स, करंट अफेयर्स और मनोरंजन विषयों पर नए दृष्टिकोण के साथ लेखन करती हैं। उनका उद्देश्य स्पष्ट, सटीक और प्रभावशाली कंटेंट के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

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