द लोकतंत्र/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच UP Flood से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुआवजे का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ और बारिश से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राज्य के कई जिलों में लगातार बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के साथ प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मृतकों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बारिश और बाढ़ के कारण हुई मौतों के मामलों में प्रभावित परिवारों को तय मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
राज्य में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें और गांव पानी में डूब गए हैं। कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कई जिलों में भारी बारिश से नुकसान
हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक उत्तर प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश करीब 7.6 मिलीमीटर होती है। राज्य के 75 में से 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश और बाढ़ के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घरों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 1,021 घर प्रभावित हुए हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ से 56 लोगों की मौत हुई है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। सीतापुर में सबसे अधिक सात मौतें दर्ज की गईं। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार लोगों की मौत हुई।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन की टीमें जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हैं। अधिकारियों को राहत केंद्रों और आश्रय स्थलों पर प्रभावित परिवारों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बारिश से हुए फसल, मकान और पशुधन के नुकसान का भी आकलन कराने और पात्र प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
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