द लोकतंत्र/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी Divya Mittal ने अपने इस्तीफे के बाद अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह आगे राजनीति करेंगी और उत्तर प्रदेश में ही रहकर लोगों की आवाज उठाएंगी। हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है। उत्तर प्रदेश में IAS पद से इस्तीफा देकर चर्चा में आईं पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर अपने अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट की। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके मन में काफी समय से लोगों के सवाल थे, लेकिन वह अब तक उनका जवाब देने की स्थिति में नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अब वह अपने अगले कदम के बारे में खुलकर बात करना चाहती हैं।
‘आगे राजनीति ही करूंगी’, Divya Mittal ने बताया कारण
Divya Mittal ने कहा कि उनका अगला कदम राजनीति है। उन्होंने बताया कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य किसी पद को हासिल करना नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज बनना है, जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती या पहुंचने के बाद भी नहीं सुनी जाती। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों की आवाज बनना चाहती हैं,
जो व्यवस्था के सामने अपनी बात रखने में असहज या असमर्थ महसूस करते हैं। दिव्या ने देश की आजादी के 80 साल पूरे होने के संदर्भ में भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह लोगों की ओर से इन वर्षों का हिसाब लेना चाहती हैं।
राहुल गांधी से मुलाकात की चर्चा पर भी दिया जवाब
IAS से इस्तीफा देने के बाद Divya Mittal की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कथित मुलाकात को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हुई थी। अपने वीडियो में उन्होंने इस दावे को खारिज किया। दिव्या मित्तल ने कहा कि एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता की ओर से यह दावा किया गया कि उन्होंने दूसरी बड़ी पार्टी के बड़े नेता से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई थी और दावा करने वाले व्यक्ति को भी इस बात की जानकारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बातों का उद्देश्य उन्हें डराना था। दिव्या ने कहा कि राजनीति में सवाल पूछने वाली महिला को शुरुआत में ही डराने की कोशिश की जाती है।
भाजपा नेताओं पर साधा निशाना, बोलीं- ‘मैं डरूंगी नहीं’
Divya Mittal ने अपने वीडियो में किसी राजनीतिक दल का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके निशाने पर भाजपा नेताओं और समर्थकों के आरोप नजर आए। भाजपा नेता प्रशांत उमराव सहित कुछ लोगों की ओर से दिव्या मित्तल को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए गए थे। दिव्या ने कहा कि उनके खिलाफ FIR या ट्रोलिंग जैसे तरीकों का इस्तेमाल करके डर का माहौल बनाने की कोशिश की जाती है, ताकि आम लोग और अच्छे लोग राजनीति में आने से पीछे हट जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और आगे भी सवाल पूछती रहेंगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहां कोई छोटी बच्ची भी अपने मन का सवाल पूछ सके और उसे डर के कारण चुप न कराया जाए।
Divya Mittal संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया में रह चुकी हैं DM
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारियों में रही हैं। वह संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया समेत कई जिलों में जिलाधिकारी के पद पर काम कर चुकी हैं। कुछ समय पहले उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद उन्होंने IAS सेवा से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके राजनीति में आने की अटकलें तेज थीं।
Divya Mittal के इस्तीफे को लेकर उस समय यह भी चर्चा थी कि वह प्रशासनिक पद की बजाय सीधे लोगों के बीच रहकर काम करना चाहती हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे के वास्तविक कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं।
किस पार्टी में शामिल होंगी Divya Mittal?
Divya Mittal ने राजनीति में आने का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किस राजनीतिक दल के साथ जाएंगी। उन्होंने अपने वीडियो में किसी पार्टी की सदस्यता या आगामी राजनीतिक रणनीति का आधिकारिक ऐलान नहीं किया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी एंट्री ऐसे समय हुई है जब विधानसभा चुनाव करीब हैं। ऐसे में उनकी राजनीतिक पारी को लेकर अटकलें तेज होना स्वाभाविक है। हालांकि, वह किस पार्टी के साथ जाएंगी या चुनावी राजनीति में उनकी भूमिका क्या होगी, इसका जवाब आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल दिव्या मित्तल ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि IAS की नौकरी के बाद उनका अगला रास्ता राजनीति है और उनकी राजनीतिक पारी उत्तर प्रदेश से ही शुरू होगी।
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