द लोकतंत्र/नई दिल्ली: भारत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब लंदन तक पहुंच गया है। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन में यूट्यूबर ध्रुव राठी की मौजूदगी को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस और प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा। उनके बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
Kiren Rijiju ने ध्रुव राठी पर लगाए आरोप
केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने सोशल मीडिया पर लंदन में हुए प्रदर्शन का वीडियो साझा किया। इसके साथ उन्होंने आरोप लगाया कि लंदन में कांग्रेस के झंडे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के झंडों के साथ दिखाई दिए। रिजिजू ने अपने पोस्ट में लिखा कि इन लोगों को लगता है कि लंदन में भारत-विरोधी समूहों का जमावड़ा देशभक्त भारतीयों को डरा देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लंदन में सक्रिय भारत-विरोधी समूह एक ऐसे यूट्यूबर के इशारे पर काम कर रहे हैं, जो खुद को भारतीय बताता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। मंत्री का यह बयान ध्रुव राठी को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच आया है।
16 अक्टूबर को भारतीय उच्चायोग के बाहर हुआ था प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, 16 अक्टूबर को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की यूके इकाई की ओर से SIR के मुद्दे पर लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। यूट्यूबर ध्रुव राठी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। भारत में SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच पहले से ही मतभेद हैं। विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि केंद्र और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े पक्ष इसे मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तौर पर देखते हैं। इसी विवाद के बीच विदेश में हुए प्रदर्शन ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
बांग्लादेश और फ्रांस का जिक्र कर विपक्ष पर भी बरसे Kiren Rijiju
लंदन में हुए प्रदर्शन से पहले भी किरेन रिजिजू ने भारत में सत्ता परिवर्तन की मांग करने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा था। उन्होंने बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और फ्रांस में हुई हिंसक घटनाओं का उल्लेख करते हुए भारत में भी ऐसी स्थिति पैदा करने की कोशिशों के आरोप लगाए। रिजिजू ने कहा था कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस। उनके बयान का संदर्भ देश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसक घटनाओं की आशंकाओं को लेकर था। उनकी इस टिप्पणी के जरिए केंद्र सरकार की ओर से विपक्ष के उन बयानों पर जवाब दिया गया, जिनमें सरकार की नीतियों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
SIR पर विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में पहले से राजनीतिक बहस जारी है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया की पारदर्शिता और इसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, इस मुद्दे पर विदेश में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने विपक्ष और प्रदर्शन में शामिल लोगों पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। लंदन में हुए प्रदर्शन को लेकर Kiren Rijiju की टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम में SIR का मुद्दा, विदेश में भारतीय राजनीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप एक साथ चर्चा में हैं।
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