Advertisement Carousel
National

Census 2027 Social Media Monitoring: राज्यों में 24×7 निगरानी सेल बनाने का निर्देश, फर्जी खबरों पर रहेगी नजर

द लोकतंत्र/राष्ट्रीय न्यूज़: देश में होने वाली आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने जागरूकता और सूचना व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। Census 2027 Social Media Monitoring के तहत Registrar General of India (RGI) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 24×7 Social Media Monitoring Cells स्थापित करने का निर्देश दिया है। इन सेल का काम सोशल मीडिया पर जनगणना से जुड़े डिजिटल नैरेटिव पर लगातार नजर रखना, गलत जानकारी, भ्रामक दावों और स्थानीय स्तर पर गलतफहमियों की पहचान करना होगा। जरूरत पड़ने पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की मशीनरी के जरिए वास्तविक समय में आधिकारिक जवाब और fact-check भी जारी किए जाएंगे।

जनगणना से जुड़ी गलत जानकारी पर तुरंत जवाब

RGI की Phase-II की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय publicity strategy में सोशल मीडिया निगरानी को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। इसका उद्देश्य केवल पोस्ट और टिप्पणियों की निगरानी करना नहीं है, बल्कि जनगणना को लेकर सामने आने वाली गलत या भ्रामक सूचनाओं का समय पर जवाब देना भी है।

केंद्र और राज्य स्तर पर चलाए जाने वाले अभियान में लोगों को यह समझाने पर जोर रहेगा कि Census 2027 की प्रक्रिया कैसे होगी, लोग Self-Enumeration का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं और Census कर्मचारियों के जरिए घर-घर जाकर जानकारी कैसे दर्ज की जाएगी। इसके लिए समाचार पत्रों, टेलीविजन, डिजिटल सिनेमा, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर ऑडियो संदेश तथा Self-Enumeration के वीडियो गाइड का इस्तेमाल किया जाएगा।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी Census

Census 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। Enumerators मोबाइल एप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ पहली बार नागरिकों को Self-Enumeration की सुविधा भी दी गई है। इसके लिए सुरक्षित वेब पोर्टल बनाया गया है, जहां पात्र लोग घर से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। Self-Enumeration पूरी होने के बाद एक विशेष ID तैयार होती है, जिसके आधार पर Enumerator जानकारी का सत्यापन कर सकता है।

Census Management and Monitoring System (CMMS) के जरिए अधिकारियों को जनगणना की तैयारियों, फील्ड गतिविधियों और प्रगति की real-time निगरानी की सुविधा मिलेगी। Houselisting Block Creator भी तैयार किया गया है, जो Satellite Imagery की मदद से क्षेत्रवार Houselisting Blocks बनाने में सहायता करेगा। मोबाइल एप Android और iOS दोनों पर उपलब्ध है और 16 क्षेत्रीय भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।

करीब 30 लाख कर्मचारी होंगे शामिल

Census 2027 देश की 16वीं जनगणना और आजादी के बाद 8वीं जनगणना होगी। इसमें करीब 30 लाख Enumerators, Supervisors, Master Trainers, Charge Officers और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। केंद्र सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ₹11,718.24 करोड़ की लागत को मंजूरी दी है।

जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में Houselisting and Housing Census के दौरान घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाती है। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी। इस चरण में पहली बार जाति से जुड़ा डेटा भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दर्ज किया जाएगा।

दिसंबर से चार राज्यों में Population Enumeration

देश के ज्यादातर हिस्सों में Population Enumeration फरवरी 2027 में होगी, लेकिन Goa, Uttar Pradesh, Punjab और उत्तराखंड के गैर-बर्फीले क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगी। इन क्षेत्रों में Self-Enumeration के लिए 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक समय दिया गया है। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक Revisional Round होगा।

लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फीले गैर-समानांतर क्षेत्रों में Population Enumeration पहले ही सितंबर 2026 में निर्धारित की गई थी। इन इलाकों के लिए Census की reference date 1 अक्टूबर 2026 है, जबकि देश के बाकी हिस्सों के लिए reference date 1 मार्च 2027 है।

सरकार के अनुसार Census से जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा गोपनीय रखा जाएगा और सार्वजनिक रूप से केवल अलग-अलग स्तरों पर समेकित (aggregated) आंकड़े जारी किए जाएंगे। Census 2027 का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आवास, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़े अद्यतन आंकड़े उपलब्ध कराना है।

Deepanshi

Deepanshi

About Author

दीपांशी द लोकतंत्र में कंटेंट राइटर के रूप में समाज से जुड़े मुद्दों, डिजिटल ट्रेंड्स, करंट अफेयर्स और मनोरंजन विषयों पर नए दृष्टिकोण के साथ लेखन करती हैं। उनका उद्देश्य स्पष्ट, सटीक और प्रभावशाली कंटेंट के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं