द लोकतंत्र/नई दिल्ली: SIR Row के बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को तुरंत बहाल करने की मांग दोहराई है। 29 सितंबर को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को तत्काल रोकने समेत कई मांगें रखीं। कांग्रेस का दावा है कि SIR प्रक्रिया के दौरान 13.3 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
कांग्रेस ने दोहराईं चार प्रमुख मांगें
नई दिल्ली में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक करीब ढाई घंटे चली। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी और जयराम रमेश समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के बाद कांग्रेस ने SIR को लेकर अपनी मांगें दोहराईं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा, SIR प्रक्रिया को रोकना और मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ से अधिक नामों को बहाल करना शामिल है। पार्टी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी रखी है। इसके अलावा कांग्रेस ने मतदाता सूची में बड़े बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक करने और राजनीतिक दलों को संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग की है।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने कहा है कि मतदाता सूची में बड़े बदलावों से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक किए जाने चाहिए। पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी जानकारी देने के साथ अपनी स्थिति स्पष्ट करने और अपील करने का अवसर भी मिलना चाहिए।
कांग्रेस कार्यसमिति ने कथित गंभीर गड़बड़ियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी रखी है। पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों और फैसलों में पारदर्शिता की जरूरत बताई है।
SIR में कितने नाम हटाने का दावा?
कांग्रेस का दावा है कि SIR के अलग-अलग चरणों में कुल 13.30 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने यह भी कहा है कि करीब 5.43 करोड़ मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम हटाए जाने का जोखिम बताया गया है। इससे पहले जयराम रमेश ने SIR के तहत मतदाता सूची में हुए बदलावों और नाम हटाए जाने के आंकड़ों को लेकर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस ने SIR के दौरान Form 6 में किए गए बदलावों और चुनावी प्रक्रिया में AI के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया और उससे जुड़े आंकड़ों को लेकर पर्याप्त पारदर्शिता होनी चाहिए। ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप और मांगें हैं।
जयराम रमेश ने राहुल गांधी के ‘Vote Chori’ दावे का किया जिक्र
SIR विवाद को कांग्रेस ने राहुल गांधी के ‘Vote Chori’ अभियान से भी जोड़ा है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी ने पिछले करीब डेढ़ साल से मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव में भी कहा गया कि हालिया घटनाक्रम ने राहुल गांधी द्वारा उठाई गई चिंताओं को मजबूत किया है।
राहुल गांधी ने SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के बेला एस्टेट इलाके का दौरा कर वहां मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया था। वहीं, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत लिए जाने और अपने आदेशों को वैधानिक आधार प्राप्त होने की बात कही है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा है कि आयोग के फैसले निर्धारित कानूनी और वैधानिक प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि किसी संस्थान के भीतर अलग-अलग विचार या टिप्पणियां होना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार, SIR से जुड़े उसके आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव और नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। पार्टी ने SIR को रोकने और हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग दोहराई है। SIR को लेकर यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब 2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर आगे भी अभियान चलाने की बात कही है और विपक्षी दलों के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।
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