द लोकतंत्र/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के बाद बताया कि नोएडा के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। प्रधानमंत्री के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह फैसला लिया गया। इसके अलावा, प्रदेश के 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और लखनऊ में 265 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
PM मोदी के नाम पर होगा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर उनके सम्मान में यह प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रति योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से उत्तर प्रदेश विकास के नए रास्तों पर आगे बढ़ रहा है।
Yogi Adityanath कैबिनेट बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत अन्य मंत्री भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में जेवर
जेवर में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल है। इसे चार चरणों में विकसित करने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद इसकी क्षमता और विस्तार के लिहाज से इसे एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल करने का लक्ष्य है। दिए गए विवरण के अनुसार, एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 3,300 एकड़ भूमि पर टर्मिनल और रनवे विकसित किए गए हैं। इस चरण में सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता निर्धारित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था।
18 नगर निगम क्षेत्रों में चलेंगी 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें: Yogi Adityanath
Yogi Adityanath कैबिनेट ने शहरी परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार, बसों की खरीद के लिए नीति तैयार की गई है खरीद प्रक्रिया के तहत टेंडर में सबसे कम दर देने वाली कंपनी (L1) से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी। बाकी बसें उत्तर प्रदेश में बस निर्माण करने वाली कंपनियों से खरीदने की योजना है। इस कदम से शहरों में सार्वजनिक परिवहन के विकल्प बढ़ाने और इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बसों की खरीद और संचालन की समयसीमा की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
लखनऊ को मिलेगा इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल
राजधानी लखनऊ में भी सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना है।Yogi Adityanath कैबिनेट ने वृंदावन विहार योजना में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 265 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बस टर्मिनल का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर ओमेक्स लिमिटेड के साथ किया जाएगा। परियोजना की शर्तों के अनुसार, वाणिज्यिक क्षेत्र को 90 साल की लीज पर और बस टर्मिनल को 30 साल की लीज पर दिया जाएगा। इस परियोजना से राजधानी में परिवहन संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। हालांकि, टर्मिनल का निर्माण कब शुरू होगा और यात्रियों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
Yogi Adityanath कैबिनेट में 39 प्रस्तावों पर लगी मुहर
शुक्रवार कीYogi Adityanath कैबिनेट की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने, 18 नगर निगम क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने और लखनऊ में इंटीग्रेटेड बस टर्मिनल विकसित करने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से प्रदेश में परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में काम होने की उम्मीद है। अब इन परियोजनाओं के अगले चरण, समयसीमा और क्रियान्वयन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रहेगी।
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