द लोकतंत्र/नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को आंदोलन की दिशा बदलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन करने के बजाय छात्रों की समस्याओं, परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा नीति जैसे मुद्दों पर आंदोलन करना चाहिए। आठवले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर भी सवाल उठाते हुए विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। इस बीच, सोमवार को दिल्ली में विपक्ष के मार्च और CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।
CJP को Ramdas Athawale की सलाह, छात्रों के मुद्दे उठाने को कहा
केंद्रीय मंत्री Ramdas Athawale ने रविवार को CJP के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की स्थापना नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुई थी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी और उसकी मांगें पूरी हो गई थीं। ऐसे में अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। आठवले ने कहा, “आंदोलन करो, लेकिन छात्रों के लिए आंदोलन करो। छात्रों को कैसी शिक्षा नीति मिलनी चाहिए, कैसे परीक्षा होनी चाहिए और क्या कारण हैं, उसके लिए आंदोलन करो।” उनकी इस टिप्पणी को CJP के मौजूदा आंदोलन और उसके राजनीतिक एजेंडे पर सवाल उठाने के तौर पर देखा जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के बचाव में क्या बोले Ramdas Athawale?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए Ramdas Athawale ने उनका बचाव किया। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो दूसरी जगह चले गए, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे या जो लापता थे।
आठवले के मुताबिक, मतदाता सूची में संशोधन के पीछे ये वजहें हैं। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़ों और नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर अलग से आधिकारिक सत्यापन जरूरी है। विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग की कार्रवाई और मतदाता सूची में बदलाव का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना, वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल
Ramdas Athawale ने राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए पूछा कि यदि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, तो क्या कांग्रेस अपनी सीटों में बढ़ोतरी को भी उसी नजर से देखेगी? आठवले ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा आंदोलन बेबुनियाद है और इससे अराजकता की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। हालांकि, राहुल गांधी और विपक्षी दलों की ओर से उठाए गए चुनावी अनियमितताओं के सवालों का आकलन संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
CJP को पहले भी चेतावनी दे चुके हैं: Ramdas Athawale
रामदास आठवले इससे पहले 3 अक्टूबर को भी CJP और उसके प्रमुख अभिजीत दीपके को लेकर बयान दे चुके हैं। उस दौरान उन्होंने दीपके पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था। आठवले ने तब भी ऐसी टिप्पणियां बंद करने की सलाह दी थी और कहा था कि ऐसा नहीं होने पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ताजा बयान में भी Ramdas Athawale ने CJP के आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए पार्टी को छात्रों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की नसीहत दी है।
सोमवार को दिल्ली में प्रदर्शन, कांग्रेस और CJP की अलग-अलग तैयारी
सोमवार को दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी की है। इस प्रदर्शन के लिए देशभर से कार्यकर्ताओं को दिल्ली बुलाने की बात कही गई है। वहीं, CJP भी सोमवार सुबह 10 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए दिल्ली पुलिस के पास जाने वाली है। पार्टी का कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर उसे प्रदर्शन के लिए समय नहीं दिया जाता है, तो वह खुद आंदोलन की जगह और समय का ऐलान करेगी। ऐसे में दिल्ली में सोमवार का दिन राजनीतिक रूप से अहम हो सकता है। एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ CJP भी अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने पर अड़ी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि पुलिस प्रदर्शन की अनुमति को लेकर क्या रुख अपनाती है और राजनीतिक दलों के विरोध का अगला कदम क्या होता है।
यह भी पढ़े-
Tamil Nadu CM Vijay: PM मोदी के साथ मंदिर पहुंचे विजय, क्या कांग्रेस से दूरी बना रही TVK?




