द लोकतंत्र/अंतरराष्ट्रीय न्यूज़: Sri Lanka Security Assurance के तहत राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत को भरोसा दिलाया है कि श्रीलंका अपने क्षेत्र का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने देगा। उन्होंने यह बात कोलंबो में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान कही। दोनों नेताओं ने भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता समेत कई मुद्दों पर चर्चा की।
राजनाथ सिंह और दिसानायके के बीच हुई अहम बैठक
राजनाथ सिंह तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर Sri Lanka पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने 9 सितंबर को राष्ट्रपति दिसानायके से मुलाकात की। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों और क्षेत्र की सुरक्षा, शांति और समृद्धि को लेकर सहयोग पर चर्चा हुई।
दिसानायके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी पिछली मुलाकातों को याद करते हुए भारत के सुरक्षा हितों को लेकर श्रीलंका की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने भारत और श्रीलंका को करीबी पड़ोसी और समुद्री साझेदार बताते हुए विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
रक्षा क्षेत्र में तीन अहम समझौते
राजनाथ सिंह की यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौते हुए। इनमें श्रीलंकाई वायुसेना के लिए भारत की ओर से पहले उपलब्ध कराई गई छह L70 एयर डिफेंस गनों के अपग्रेडेशन से जुड़ा समझौता प्रमुख है। यह परियोजना भारत सरकार के अनुदान के तहत पूरी की जाएगी और इससे श्रीलंका की महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की वायु रक्षा क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
इसके अलावा दोनों देशों के National Defence Colleges के बीच शैक्षणिक सहयोग और National Cadet Corps (NCC) के बीच सहयोग को लेकर भी समझौते हुए। NCC समझौते के तहत दोनों देशों के कैडेटों के बीच युवा आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
तीन Bailey Bridges का हुआ उद्घाटन
बैठक के दौरान भारत के रक्षा बलों द्वारा श्रीलंका में बनाए गए तीन Bailey Bridges का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया। ये पुल बुनियादी ढांचे और आपदा के बाद पुनर्निर्माण में सहयोग का हिस्सा हैं।
राष्ट्रपति दिसानायके ने Cyclone Ditwah के दौरान भारत की ओर से चलाए गए Operation Sagar Bandhu के तहत मिली राहत सहायता और पुनर्वास पैकेज के लिए भी आभार जताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत श्रीलंका का करीबी मित्र और पड़ोसी होने के नाते संकट के समय मदद को केवल सहायता नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी मानता है।
38 साल बाद Sri Lanka पहुंचे भारतीय रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह की यह यात्रा एक और वजह से महत्वपूर्ण रही। यह 38 वर्षों में किसी भारतीय रक्षा मंत्री की श्रीलंका की पहली यात्रा थी। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
श्रीलंका हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। ऐसे में भारत के लिए वहां की सुरक्षा स्थिति और समुद्री गतिविधियां महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच हालिया रक्षा सहयोग को इसी व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा साझेदारी के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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