जिम्मेदारियों और सपनों के बीच संतुलन की मिसाल हैं IAS प्रतीक राव
द लोकतंत्र/ आयुष कृष्ण त्रिपाठी : कहते हैं न कि अगर सोच स्पष्ट हो तो रास्ते खुद बनते हैं। IAS टी. प्रतीक राव की यात्रा उस पीढ़ी के लिए एक प्रेरक दस्तावेज़ बनकर उभरती है, जो आज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं, निजी जीवन और पेशेवर ज़िम्मेदारियों के बीच संतुलन साधने की जद्दोजहद में हैं। […]








