महानगरीय आबो-हवा से रूठ गया है सावन का ‘पपिहरा’
द लोकतंत्र/ नूतन मिश्रा : श्रावण का पुनीत मास आरम्भ हो गया है। सावन आते ही प्रकृति प्रफुल्लित हो उठती है धरती की हरीतिमा गाने लगती है मोर नृत्य करने लगते हैं, प्रकृति का कण कण और हमारा मन मयूर नाच उठता है, गा उठता है सावन की हरीतिमा का गान..सुप्रसिद्ध ललित निबंधकार हजारी प्रसाद […]









