द लोकतंत्र / बिजनेस न्यूज़ : भारत में Gold Jewellery की खरीद पर सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का असर देखने को मिल रहा है। World Gold Council (WGC) के मुताबिक, कीमतों में अस्थिरता के कारण कई ग्राहक फिलहाल आभूषण खरीदने का फैसला टाल रहे हैं। ऊंची कीमतों के साथ बार-बार होने वाले बदलाव से खासकर रोजमर्रा और अपनी पसंद के लिए की जाने वाली ज्वेलरी खरीद प्रभावित हो रही है। हालांकि, त्योहारों और शादियों के सीजन आगे बढ़ने के साथ मांग में सुधार की उम्मीद है।
कीमतों में बदलाव से ज्वेलरी खरीद पर असर
WGC की रिसर्च हेड-इंडिया कविता चाको के मुताबिक, सोने की ऊंची कीमतें और उनमें लगातार बदलाव ग्राहकों के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर रहे हैं। खासकर ऐसी ज्वेलरी की मांग पर असर पड़ रहा है, जिसे लोग अपनी पसंद या गैर-जरूरी खर्च के रूप में खरीदते हैं। कई ग्राहक कीमतों में स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। इसके कारण फिलहाल ज्वेलरी की मांग पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में लोग अपनी खरीदारी की योजना और बजट पर दोबारा विचार कर रहे हैं।
त्योहार और शादी के सीजन से मांग बढ़ने की उम्मीद
WGC के अनुसार, जैसे-जैसे त्योहारों और शादियों का सीजन आगे बढ़ेगा, सोने की ज्वेलरी की मांग में सुधार हो सकता है। शादी से जुड़ी खरीदारी के साथ सोने में निवेश की मांग भी बनी हुई है। इससे ज्वेलरी बाजार को आने वाले समय में समर्थन मिलने की उम्मीद है। हालांकि, WGC ने यह भी कहा है कि सोने की ऊंची कीमतें और कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी ग्राहकों की अपनी इच्छा से की जाने वाली खरीदारी को सीमित कर सकते हैं।
Investment Gold की मांग बनी हुई
WGC के मुताबिक, ज्वेलरी की मांग में कमजोरी के बावजूद सोने से जुड़े Investment Products में लोगों की दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। खासतौर पर गोल्ड बार और कॉइन जैसे निवेश उत्पादों की मांग देखी जा रही है। इससे सोने के बाजार में मांग का एक अलग पैटर्न सामने आया है। एक तरफ कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहक अपनी खरीद टाल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने की रुचि बनी हुई है।
WGC के अनुसार, सोने की कीमतों में अस्थिरता आने वाले समय में भी ग्राहकों के खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। ज्वेलरी बाजार में मांग को समझने के लिए कीमतों के साथ-साथ ग्राहकों के बदलते खरीदारी व्यवहार पर भी नजर बनी हुई है।




