द लोकतंत्र/बिजनेस न्यूज़: India Exports के तहत भारत ने बिहार के पूर्णिया से 1 मीट्रिक टन पॉप्ड मखाना ग्रीस और हरियाणा के सोनीपत से 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड उत्पाद कनाडा भेजे हैं। इन निर्यात खेपों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की मदद से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया गया। दोनों निर्यातों का उद्देश्य भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों में पहुंच बढ़ाना और किसानों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना है।
पूर्णिया से ग्रीस भेजा गया मखाना
बिहार के पूर्णिया से 1 मीट्रिक टन पॉप्ड यानी फूल मखाना ग्रीस के लिए रवाना किया गया। यह खेप इंडो ग्लोबल एक्सपोर्ट, बेलौरी, पूर्णिया से प्राप्त की गई है और इसे नई दिल्ली स्थित S. S Foods Exports Pvt. Ltd. के जरिए निर्यात किया जा रहा है। खेप भारत के मुंद्रा बंदरगाह से ग्रीस के पीरियस पोर्ट तक जाएगी।
इस निर्यात से मखाना उत्पादकों को घरेलू बाजार में मौजूदा बिक्री कीमत की तुलना में अधिक मूल्य प्राप्त हुआ। APEDA के अनुसार, इससे बिहार के मखाना उत्पादकों और विदेशी खरीदारों के बीच बाजार संपर्क मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
भारत के मखाना उत्पादन में बिहार की बड़ी हिस्सेदारी
भारत मखाना उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है और देश के कुल उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी करीब 80 से 85 प्रतिशत है। राज्य में मखाने की खेती लगभग 35,000 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 जिलों में की जाती है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर और ICAR-नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर मखाना, दरभंगा की ओर से इस क्षेत्र को तकनीकी सहायता भी दी जाती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 7,000 मीट्रिक टन से अधिक मखाना और मूल्यवर्धित मखाना उत्पादों का निर्यात किया, जिसकी कीमत करीब 22 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही। ये उत्पाद 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजे गए।
सोनीपत से कनाडा भेजा गया 24 MT Frozen Food
हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 मीट्रिक टन फ्रोजन फूड उत्पादों की खेप रवाना की गई। APEDA के अनुसार, 1 अक्टूबर को भेजी गई इस खेप में 2,295 बॉक्स शामिल हैं। इन उत्पादों में हरी मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर और गाजर, स्वीट कॉर्न तथा समोसे सहित अन्य फ्रोजन खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
यह निर्यात Aterna Foods Producer Company Limited ने किया है। पूरी खेप का मूल्य 35,140 कनाडाई डॉलर (CAD) है। APEDA ने अपनी Financial Assistance Scheme के तहत निर्यातक इकाई को सहायता दी है।
FPO के जरिए किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, हरियाणा से कनाडा भेजी गई खेप Farmer Producer Organisation (FPO) के नेतृत्व में किया गया निर्यात है। इसका उद्देश्य किसानों और खाद्य उत्पादकों को विदेशी खरीदारों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है।
APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने कहा कि FPO की ओर से सीधे निर्यात से उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। APEDA कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात के लिए FPO और निर्यातकों के बीच बाजार संपर्क मजबूत करने पर काम कर रहा है।
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