द लोकतंत्र/मुंबई: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को इसके विरोध में भी प्रदर्शन हुआ। ‘Gen Next Mumbai’ से जुड़े बताए जा रहे एक समूह ने CJP और उसके नेता अभिजीत दीपके के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने संविधान के सम्मान और उसकी रक्षा की बात कही।
ड्रामेबाजी कर रहे हैं, अभिजीत दीपके
शिवाजी पार्क में CJP के प्रदर्शन के बीच विरोध कर रहे एक युवक ने कहा कि अभिजीत दीपके जैसे लोग संविधान को खत्म करने की बात करते हैं और इसी वजह से वे बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के नीचे एकत्र हुए हैं। प्रदर्शनकारी ने CJP के आंदोलन को लेकर कहा कि “ये लोग ड्रामेबाजी कर रहे हैं।” प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और वे संविधान के सम्मान एवं उसकी रक्षा में विश्वास रखते हैं।
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम संविधान की रक्षा करना जानते हैं, संविधान का सम्मान करना जानते हैं। मुंबईकर कॉकरोच जनता पार्टी का व्यवहार नहीं सहेगा।” महाराष्ट्र की रिपोर्टों के मुताबिक, मंत्रालय के पास डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने करीब 150 युवाओं ने CJP और अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति पर नजर रखी।
CJP का शिवाजी पार्क में बड़ा प्रदर्शन
दूसरी ओर, CJP ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन शिवाजी पार्क में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क पहुंचे। इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई तथा दादर स्टेशन और शिवाजी पार्क की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते। संगठन ने CEC की नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और नागरिक समाज की भागीदारी की भी मांग की है।
फडणवीस सरकार को CJP की चुनौती
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि सरकार प्रदर्शनकारियों को जेल भेजना चाहती है तो ऐसा करे। उन्होंने सरकार पर प्रदर्शन को रोकने की कोशिश करने का आरोप लगाया। CJP की ओर से कहा गया है कि मुंबई के बाद आंदोलन को गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता और अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा और महीने के अंत में इसे दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचाया जाएगा।
SIR को लेकर क्यों उठा विवाद?
CJP का प्रदर्शन मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। The Indian Express की एक रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई मौकों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों के बाद स्पष्ट किया कि आयोग के सभी अंतिम फैसले, जिनमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल हैं, तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे।
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