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Nitin Gadkari on Road Infrastructure: आधुनिक और टिकाऊ सड़कें आर्थिक विकास की कुंजी

द लोकतंत्र/बिजनेस न्यूज़: Nitin Gadkari ने देश की आर्थिक तरक्की को तेज करने के लिए आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि बेहतर हाईवे नेटवर्क से शहरों, कस्बों, बंदरगाहों, बाजारों और औद्योगिक केंद्रों के बीच संपर्क आसान होगा। इससे व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह बात उन्होंने गुजरात के एकता नगर में आयोजित Chintan Shivir 2026 के दौरान कही।

बेहतर योजना से सड़क परियोजनाओं में कम होगी देरी

सड़क परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए गडकरी ने बेहतर योजना और केंद्र-राज्य के बीच तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने परियोजना शुरू होने से पहले सर्वे, सड़क की रूपरेखा, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने और जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी और लागत बढ़ने की समस्या को कम किया जा सकता है।

सरकार के अनुसार, देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क मार्च 2014 के 91,287 किलोमीटर से बढ़कर 2026 में 1,46,572 किलोमीटर हो गया है। पिछले पांच वर्षों में 57,125 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। सरकार ने 2028-29 तक 18,000 किलोमीटर एक्सेस-कंट्रोल्ड राष्ट्रीय हाईवे और एक्सप्रेसवे को चालू करने का लक्ष्य भी रखा है।

Road Safety और Green Highways पर फोकस

गडकरी ने कहा कि सड़क सुरक्षा को हाईवे की योजना और डिजाइन तैयार करते समय ही शामिल किया जाना चाहिए। दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर निर्माण के शुरुआती चरण में सुरक्षा उपाय करने से सड़क हादसों को कम करने में मदद मिल सकती है।

सड़क निर्माण में पर्यावरण को ध्यान में रखने पर भी जोर दिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में फ्लाई ऐश, पुराने डामर से प्राप्त सामग्री, निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे, प्लास्टिक कचरे, स्लैग और क्रम्ब रबर जैसी पुनर्चक्रित सामग्रियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे संसाधनों की बचत और निर्माण के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

नई तकनीक से हाईवे निर्माण और टोल व्यवस्था में बदलाव

गडकरी ने सड़क निर्माण में नई तकनीक, आधुनिक निर्माण तरीकों और लागत प्रभावी सामग्रियों के ज्यादा इस्तेमाल की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य सड़क की गुणवत्ता बेहतर करने के साथ निर्माण और रखरखाव की लागत को कम करना है।

हाईवे पर टोल व्यवस्था को भी तकनीक आधारित बनाया जा रहा है। FASTag Annual Pass और Multi-Lane Free Flow (MLFF) जैसी व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। MLFF में वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत कम होती है, जिससे यात्रा का समय और ईंधन की खपत घटाने में मदद मिल सकती है।

व्यापार, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

सरकार के अनुसार, बेहतर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से लंबी दूरी की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था मजबूत होती है। पिछले पांच वर्षों में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष गतिविधियों के जरिए औसतन करीब 33 करोड़ व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा होने का अनुमान है। इसके अलावा बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क देने से लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

गडकरी ने केंद्र, राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया है, ताकि देश में सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाले और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हाईवे तैयार किए जा सकें। सरकार का लक्ष्य सड़क बुनियादी ढांचे को आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और Viksit Bharat की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनाना है।

Deepanshi

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दीपांशी द लोकतंत्र में कंटेंट राइटर के रूप में समाज से जुड़े मुद्दों, डिजिटल ट्रेंड्स, करंट अफेयर्स और मनोरंजन विषयों पर नए दृष्टिकोण के साथ लेखन करती हैं। उनका उद्देश्य स्पष्ट, सटीक और प्रभावशाली कंटेंट के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

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