द लोकतंत्र/उत्तर प्रदेश: पूर्व IAS अधिकारी Divya Mittal ने राजनीति में कदम रखते हुए जन नीति भारत (Jan Neeti Bharat) नाम से नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेगी। मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश जारी कर पार्टी के नाम और चुनावी योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में जनता को केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज और नीति बनाने की प्रक्रिया में लगातार भागीदारी मिलनी चाहिए।
X पोस्ट में बताया पार्टी बनाने का उद्देश्य
Divya Mittal ने 15 अक्टूबर को X पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि समस्या राजनीतिक दलों की कमी नहीं, बल्कि आम लोगों की बात सुने जाने की कमी है। उन्होंने पार्टी का नाम बताते हुए कहा कि जन नीति भारत में लोगों को नीतियां तय करने की प्रक्रिया के केंद्र में रखा जाएगा।
उन्होंने अपने पोस्ट में लोगों से इस राजनीतिक सफर से जुड़ने की अपील भी की। उनके X पोस्ट में लिखा था, ‘मेरा राजनीतिक सफर का अगला कदम। मेरे साथ जुड़ें’। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य सरकार को केवल चुनाव के दिन नहीं, बल्कि पूरे पांच साल जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है।
जनता की भागीदारी और तीन प्रमुख वादे
मित्तल ने पार्टी की नीति के तीन प्रमुख बिंदु बताए हैं। पहला, लोगों को नीति बनाने की प्रक्रिया में सीधे शामिल करना है। उनके अनुसार किसान कृषि नीति, व्यापारी व्यापार से जुड़े फैसलों और अभिभावक व बच्चे शिक्षा से जुड़े फैसलों में अपनी बात रख सकें।
दूसरा वादा जरूरत के आधार पर फैसले लेने का है। उन्होंने कहा कि फैसलों में जाति, धर्म या सामाजिक पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक जरूरतों को महत्व दिया जाना चाहिए। तीसरे बिंदु में उन्होंने सरकारी कामकाज में जवाबदेही पर जोर दिया। उनका कहना है कि जनता को सरकार के काम का हिसाब लेने का अधिकार होना चाहिए।
13 साल IAS सेवा के बाद राजनीति में कदम
Divya Mittal 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई की है और प्रशासनिक सेवा में आने से पहले लंदन में काम किया था। उन्होंने करीब 13 साल की सेवा के बाद 30 अगस्त 2026 को IAS से इस्तीफा दिया था। इसके बाद 29 सितंबर को उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की थी।
उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी के तौर पर वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। मिर्जापुर में जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह गांव में पाइप से पेयजल पहुंचाने के काम से उन्हें खास पहचान मिली थी। उन्होंने प्रशासनिक अनुभव के दौरान सरकारी योजनाओं के जमीन पर लागू होने और लोगों की समस्याओं से जुड़े कई मुद्दों का भी जिक्र किया है।
2027 में चुनाव लड़ने की तैयारी
मित्तल ने साफ किया है कि उनकी नई पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में चुनाव लड़ेगी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से खुद चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है। हालांकि, पार्टी की ओर से अन्य सीटों पर उम्मीदवारों की विस्तृत सूची अभी सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी के पास बड़े स्तर पर विज्ञापन अभियान के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। इसलिए घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने और समर्थकों के जरिए पार्टी का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। इससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प की शुरुआत हुई है।
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