द लोकतंत्र/ रायपुर : Chhattisgarh Budget 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे ‘संकल्प’ थीम पर आधारित बजट बताते हुए कहा कि इसका फोकस समावेशी विकास, अवसंरचना को गति, निवेश बढ़ाने, कुशल मानव संसाधन तैयार करने और अंत्योदय के लक्ष्य पर है। भाजपा सरकार का यह तीसरा बजट है। इससे पहले 2024-25 का बजट ‘ज्ञान’ और 2025-26 का बजट ‘गति’ थीम पर केंद्रित था।
सरकार का दावा है कि यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा और ग्रामीण-शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित करेगा। बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
महिलाओं और किसानों पर फोकस, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को मजबूती
बजट में महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.5 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है। महतारी वंदन योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। लखपति दीदी योजना के विस्तार के लिए भी विशेष बजट रखा गया है।
कृषि क्षेत्र में कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद आधुनिक तकनीक, उत्पादकता वृद्धि और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के लिए 6,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे पात्र परिवारों को चावल, चना, शक्कर और नमक उपलब्ध कराया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में किसानों को 5 एचपी तक के कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली हेतु 5,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं। एकल बत्ती कनेक्शन और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के लिए बड़े प्रावधान
शिक्षा क्षेत्र के लिए 22,360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। युवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष बजट और रायपुर में मेगा परीक्षा केंद्र स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नए मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना, कैंसर इंस्टीट्यूट और डायलिसिस केंद्रों के विस्तार की भी घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि यह बजट छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

