द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को एक बड़ी राष्ट्रीय पहचान मिली है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जिला अस्पताल रायपुर स्थित इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी (IPHL) को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) प्रमाणन मिलने पर राज्य सरकार को बधाई दी है। उन्होंने इसे देशभर में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को लिखे पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर IPHL देश की अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला बन गई है, जिसे यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य की विश्वसनीय, सटीक और गुणवत्ता-सुनिश्चित डायग्नोस्टिक सेवाएं प्रदान करने की क्षमता को दर्शाती है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में भरोसे का नया मानक
जेपी नड्डा ने अपने संदेश में कहा कि रायपुर IPHL को मिला NQAS प्रमाणन छत्तीसगढ़ सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता और जिला अस्पताल रायपुर में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उनके अनुसार, इस उपलब्धि ने न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में आमजन का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि सेवा गुणवत्ता के नए मानक भी स्थापित किए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि IPHL की स्थापना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अधोसंरचना मिशन (PM-ABHIM) का एक महत्वपूर्ण घटक है। इस मिशन का उद्देश्य देशभर में स्वास्थ्य निगरानी तंत्र, प्रयोगशाला नेटवर्क और आपदा तैयारी को मजबूत करना है। रायपुर IPHL को मिला प्रमाणन इस बात का प्रमाण है कि प्रयोगशाला ने प्रशिक्षित मानव संसाधन, अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत अधोसंरचना का सफलतापूर्वक एकीकरण करते हुए राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को हासिल किया है।
अन्य राज्यों के लिए बनेगा रायपुर मॉडल
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अन्य राज्यों के लिए भी एक राष्ट्रीय उदाहरण और बेस्ट प्रैक्टिस मॉडल के रूप में उभरेगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि रायपुर IPHL मॉडल को अपनाते हुए अन्य जिलों और क्षेत्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली डायग्नोस्टिक सेवाओं का विस्तार किया जाए।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणन छत्तीसगढ़ की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आने वाले समय में जिलों में आधुनिक, तकनीक-सक्षम और मानक-आधारित प्रयोगशालाओं का विस्तार जारी रखेगी।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे छत्तीसगढ़ की पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता राज्य में प्रयोगशाला सेवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आश्वासन, प्रशिक्षित स्टाफ, आधुनिक उपकरण और मजबूत अवसंरचना पर किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उनके अनुसार, यह उपलब्धि सिर्फ एक संस्थान की नहीं, बल्कि डॉक्टरों, लैब टेक्नीशियनों, पैरामेडिकल स्टाफ और जिला अस्पताल रायपुर की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का फल है।
अंत में, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने पुनः आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार और गुणवत्ता संवर्धन के लिए लगातार सहयोग करता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक स्वास्थ्य परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

