द लोकतंत्र/दिल्ली न्यूज़: Delhi Police Action के तहत राजधानी में करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, इन पोस्ट में अफवाह फैलाने, गलत जानकारी देने या लोगों के बीच तनाव और अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही थी। यह कार्रवाई दिल्ली में हाल के प्रदर्शनों और उनसे जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट की निगरानी के दौरान की गई। पुलिस ने कहा है कि वह फर्जी, भ्रामक और कृत्रिम रूप से तैयार किए गए यानी AI-generated content पर भी नजर रख रही है।
फर्जी और AI-generated कंटेंट पर नजर
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस को किसी पोस्ट के गलत, फर्जी, अफवाह आधारित, कृत्रिम रूप से तैयार किए गए या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करने की जानकारी मिलती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाती है।
पुलिस के अनुसार, हाल के प्रदर्शनों से जुड़े कई पोस्ट की सामग्री की जांच की गई। जिन पोस्ट में गलत जानकारी, अफवाह, अश्लील सामग्री या सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला कंटेंट पाया गया, उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई। जरूरत पड़ने पर संबंधित मामले में FIR भी दर्ज की जा रही है।
IFSO ने दर्ज कीं चार से ज्यादा FIR
दिल्ली पुलिस की Intelligence Fusion and Strategic Operations (IFSO) यूनिट ने सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ चार से अधिक FIR दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, इन अकाउंट्स पर गलत नैरेटिव फैलाने और माहौल खराब करने का आरोप है।
पुलिस ने कुछ पाकिस्तान स्थित सोशल मीडिया हैंडल्स की भी पहचान की है। पुलिस के अनुसार, 10 अक्टूबर को कुछ ऐसे हैंडल्स से प्रदर्शनों के दौरान लोगों की मौत होने की गलत खबरें और फर्जी वीडियो साझा किए गए। जांच में यह भी आरोप है कि कुछ अकाउंट्स ने भारतीय यूजर्स के रूप में पेश होकर भ्रामक सामग्री प्रसारित की। इन दावों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
प्रदर्शन और सोशल मीडिया पोस्ट पर पुलिस की कार्रवाई
यह कार्रवाई दिल्ली में विपक्षी दलों के हालिया प्रदर्शनों के बीच हुई है। सोमवार को हुए मार्च को लेकर भी दिल्ली पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, Connaught Place, Tilak Marg, Barakhamba और Mandir Marg थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।
इन मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन का आरोप है। सोमवार को INDIA ब्लॉक के नेता और समर्थक बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च कर रहे थे। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने चुनावी मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की।
सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर गलत या कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री तेजी से फैलने की स्थिति में इसका असर सार्वजनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए पुलिस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामने आने वाली सामग्री की जांच कर रही है और मामले की प्रकृति के अनुसार पोस्ट हटाने या कानूनी कार्रवाई का फैसला ले रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई उसकी सामग्री की जांच के बाद की जाती है। यदि सामग्री अपराध की श्रेणी में आती है तो FIR दर्ज की जाती है और यदि उसे हटाना जरूरी पाया जाता है तो संबंधित पोस्ट को हटाने की कार्रवाई की जाती है।
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