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HAL Koraput में 2,000वें Aero-Engine की डिलीवरी, Rajnath Singh करेंगे ऐतिहासिक कार्यक्रम की शुरुआत

द लोकतंत्र/राष्ट्रीय न्यूज़: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार, 6 अक्टूबर को ओडिशा के कोरापुट स्थित HAL Koraput में 2,000वें Aero-Engine की डिलीवरी से जुड़े कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की कोरापुट डिवीजन की यह उपलब्धि भारत की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस कार्यक्रम में Shakti Engines के लिए दूसरी उत्पादन लाइन की स्थापना भी प्रमुख आकर्षण होगी, जिस पर 218 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

HAL Koraput की छह दशक की यात्रा

HAL की कोरापुट डिवीजन ने भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में करीब छह दशकों से योगदान दिया है। HAL के अनुसार, Engine Division-Koraput की स्थापना अप्रैल 1964 में MiG-21FL विमानों के लिए R11-F2/F2S टर्बोजेट इंजन के निर्माण के लिए की गई थी। इसके बाद डिवीजन ने MiG-21BIS के R25 और MiG-27M के R29B इंजन के निर्माण के साथ-साथ कई इंजनों के ओवरहॉल का काम भी संभाला। 2007-08 से यहां MiG-29 विमानों के लिए RD-33 Series 3 इंजन का निर्माण भी शुरू हुआ।

2,000वें Aero-Engine की डिलीवरी इस लंबे उत्पादन सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। HAL Koraput की गतिविधियां केवल इंजन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विमान और हेलीकॉप्टरों की परिचालन जरूरतों के लिए इंजन से जुड़ी निर्माण, रखरखाव और ओवरहॉल क्षमता को भी मजबूत करती हैं।

Shakti Engine की दूसरी उत्पादन लाइन पर ₹218 करोड़ का निवेश

कार्यक्रम के दौरान Shakti Engine के लिए दूसरी उत्पादन लाइन की स्थापना को भी प्रमुखता दी जाएगी। इसके लिए 218 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। नई उत्पादन क्षमता का इस्तेमाल स्वदेशी हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इनमें Dhruv Advanced Light Helicopter (ALH) और Prachand Light Combat Helicopter (LCH) शामिल हैं।

Shakti एक टर्बोशाफ्ट इंजन है, जिसका इस्तेमाल भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टरों में किया जाता है। HAL और Safran Helicopter Engines ने भारतीय सैन्य जरूरतों के लिए इस इंजन के विकास और निर्माण में सहयोग किया है। उत्पादन क्षमता बढ़ने से इन हेलीकॉप्टर प्लेटफॉर्म के लिए इंजन की उपलब्धता को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर

2,000वें इंजन की डिलीवरी और Shakti Engine की दूसरी उत्पादन लाइन को भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के प्रयासों से जोड़ा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सरकार का लक्ष्य भारत को रक्षा उपकरणों के खरीदार से आगे बढ़ाकर उनके डिजाइन, विकास और निर्माण में सक्षम देश बनाना है। Aero-Engine तकनीक इस दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इंजन किसी भी विमान या हेलीकॉप्टर की propulsion system का प्रमुख हिस्सा होता है।

कार्यक्रम में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार और HAL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रवि के. समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। वहीं, HAL Koraput में बनने वाले इंजनों की क्षमता भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Deepanshi

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दीपांशी द लोकतंत्र में कंटेंट राइटर के रूप में समाज से जुड़े मुद्दों, डिजिटल ट्रेंड्स, करंट अफेयर्स और मनोरंजन विषयों पर नए दृष्टिकोण के साथ लेखन करती हैं। उनका उद्देश्य स्पष्ट, सटीक और प्रभावशाली कंटेंट के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना है।

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